(सौजन्य एएनआई)
चेन्नई : तमिझगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक और मशहूर तमिल अभिनेता विजय ने बुधवार को नीट परीक्षा का विरोध करते हुए इसके खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव का समर्थन किया। तमिलनाडु विधानसभा ने राज्य को केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा से छूट देने का प्रस्ताव पारित किया है।
दसवीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तमिल अभिनेता विजय ने कहा कि शिक्षा को राज्य की सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
इस दौरान तमिल अभिनेता ने दावा करते हुये कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के आने के बाद से तमिलनाडु के छात्र, विशेष रूप से निर्धन विद्यार्थी और ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़े और अति पिछड़े विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अपने उद्देश्य में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
तमिल अभिनेता ने कहा कि शिक्षा को 1975 में समवर्ती सूची में शामिल किया गया था और नीट राज्यों के अधिकारों के खिलाफ है। विजय ने सवाल किया कि राज्य के पाठ्यक्रम और स्थानीय भाषा में अध्ययन करने वाला कोई छात्र ‘एनसीईआरटी’ पाठ्यक्रम के आधार पर केंद्र सरकार की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कैसे कर सकता है। तमिल अभिनेता ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम’ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्यक्रम राज्य केंद्रित होना चाहिए। इसमें विभिन्न दृष्टिकोणों को महत्व दिया जाना चाहिए। विविधता शक्ति होती है, कमजोरी नहीं।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने नीट से जुड़े मामले पर कल पहली बार टिप्पणी की है। लोकसभा में PM मोदी ने कहा था कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत गंभीर है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कतई छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि, नीट के मामले में लगातार गिरफ्तारियां की गई हैं। केंद्र सरकार पहले ही एक कड़ा कानून बना चुकी है। परीक्षा कराने वाली पूरी प्रणाली को पुख्ता करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)