Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, कहा- हर निजी संपत्ति पर सरकार का नहीं हो सकता कब्ज़ा

सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि, सरकार सभी निजी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, जब तक कि वे सार्वजनिक हित ना जुड़ रहे हों। इसके साथ ही CJI चंद्रचूड़ ने साल 1978 के बाद के उन फैसलों को पलट दिया है, जिनमें कहा गया था कि सरकार आम भलाई के लिए सभी निजी संपत्तियों को अपने कब्जे में ले भी सकती है।

  • By राहुल गोस्वामी
Updated On: Nov 05, 2024 | 12:49 PM

सुप्रीम कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

नई दिल्ली : क्या देश और राज्य की सरकार संविधान के अनुच्छेद 39 (बी) के तहत किसी व्यक्ति या समुदाय की निजी संपत्ति को समाज या सामाजीक ढ़ाचें के नाम पर अपने नियंत्रण में ले सकती है? इस जटील सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि, सरकार सभी निजी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, जब तक कि वे सार्वजनिक हित ना जुड़ रहे हों। हालांकि, भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली नौ न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि सरकारें कुछ मामलों में निजी संपत्तियों पर दावा कर सकती हैं।

आज सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बड़ी बेंच ने अपने अहम फैसले में कहा कि, सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित नहीं किया जा सकता है। हालांकि यह भी कहा गया कि राज्य उन संसाधनों पर दावा कर सकता है जो सार्वजनिक हित के लिए हैं और समुदाय के पास हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने 9 जजों की बेंच के मामले में बहुमत से अपना फैसला सुनाया है।

Nine-judge bench of Supreme Court while delivering verdict on question whether State can take over private properties to distribute to subserve common good, holds all private properties are not material resources and hence cannot be taken over by states. Supreme Court by the… pic.twitter.com/dehgHxuMD3 — ANI (@ANI) November 5, 2024

इसके साथ ही आज CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने साल 1978 के बाद के उन फैसलों को पलट दिया है, जिनमें समाजवादी विषय को अपनाया गया था और कहा गया था कि सरकार आम भलाई के लिए सभी निजी संपत्तियों को अपने कब्जे में ले भी सकती है। इस बाबत आज CJI ने सात न्यायाधीशों का बहुमत का फैसला लिखते हुए कहा कि सभी निजी संपत्तियां भौतिक संसाधन नहीं हैं और इसलिए सरकारों द्वारा इन पर कब्ज़ा भी नहीं किया जा सकता है।

सम्बंधित ख़बरें

तू डाल-डाल, मैं पात-पात… ED के पहले ही ममता दीदी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, बंगाल से दिल्ली तक ‘रेड पॉलिटिक्स’!

क्‍या है ‘रोमियो-जूलियट’ कानून? नाबालिगों का प्यार बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने किया जिक्र, जानें पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट में कुत्तों पर लगातार तीसरे दिन सुनवाई, अदालत ने कहा- महिमामंडन करने की कोशिश न करें

EPFO Salary लिमिट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 15000 की सीमा बढ़ाने पर 4 महीने में होगा निर्णय

आज इस ऐतिहासिक बेंच में CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हृषिकेश रॉय, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल हैं। इस बेंच ने करीब 6 महीने पहले अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और तुषार मेहता सहित कई वकीलों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Supreme court verdict can government take peoples personal property or not

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 05, 2024 | 12:02 PM

Topics:  

  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.