गणतंत्र दिवस परेड पहली बार दिखी ‘प्रलय’ की झलक, जानें क्या है इस सामरिक मिसाइल की खासियत
गणतंत्र दिवस पर रविवार को आयोजित भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति, कला एवं संस्कृति, विविधिता और सरकारी योजनाओं की सफलता की झलक देखने को मिली...
- Written By: आकाश मसने
गणतंत्र दिवस परेड में सामरिक मिसाइल ‘प्रलय' का प्रदर्शन किया गया (सोर्स: सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर रविवार को आयोजित भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति, कला एवं संस्कृति, विविधिता और सरकारी योजनाओं की सफलता की झलक देखने को मिली। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हुए। भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्री और देश-विदेश के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
गणतंत्र दिवस परेड में रविवार को कर्तव्य पथ पर पहली बार सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल ‘प्रलय’ का प्रदर्शन किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।
गणतंत्र दिवस परेड में सामरिक मिसाइल ‘प्रलय’ का प्रदर्शन किया गया (सोर्स: सोशल मीडिया)
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ये है प्रलय मिसाइल की खासियत
‘प्रलय’ सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की मिसाइल है, जिसकी भार क्षमता 500-1,000 किलोग्राम है। यह 150 से 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में हुई भव्य परेड में स्वदेश निर्मित मिसाइलों, निगरानी प्रणालियों और हथियार प्रणालियों की एक शृंखला के जरिये भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया।
VIDEO | Republic Day Parade: Pralay Weapon System being displayed on Kartavya Path. The Pralay weapon system, a surface-to-surface tactical missile, was showcased during the Republic Day 2025 parade. With a range of 400 km, Pralay is designed to neutralise a wide variety of… pic.twitter.com/fl9mQKjght — Press Trust of India (@PTI_News) January 26, 2025
प्रलय मिसाइल की खासियतों की बात करें तो इसकी रेंज 400 किमी है। इस मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है। यह सेना की लिस्ट में सतह-से-सतह पर मार करने वाली सबसे लंबी दूरी की मिसाइल है।
डीआरडीओ की झांकी में अत्याधुनिक हथियार और तकनीकी प्रणालियां
डीआरडीओ ने राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने कुछ विशिष्ट और अनूठे नवाचारों को भी प्रदर्शित किया। इसकी झांकी ‘रक्षा कवच-बहु-स्तरीय सुरक्षा और बहु-क्षेत्रीय खतरों से रक्षा’ थीम पर आधारित थी और इसमें भारत की रक्षा तकनीक में हुई प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाया गया।
डीआरडीओ की झांकी में अत्याधुनिक हथियार और तकनीकी प्रणालियां जैसे क्विक रिएक्शन सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम, एडवांस टोअड आर्टिलरी गन सिस्टम शामिल थे। इसके अलावा, उपग्रह आधारित निगरानी प्रणाली और अरुध्र मध्यम शक्ति रडार भी इस झांकी में प्रदर्शित किए गए।
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उन्नत तोपों का किया प्रदर्शन
डीआरडीओ ने अपनी झांकी में अपने द्वारा विकसित कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया। डीआरडीओ की झांकी में त्वरित प्रतिक्रिया वाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हवाई प्रारंभिक चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली, 155 मिमी/52-कैलिबर वाली उन्नत तोपें प्रदर्शित की गईं।
इन प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया
इसमें उपग्रह-आधारित निगरानी प्रणाली, मध्यम-शक्ति रडार अरुध्र, उन्नत हल्के टारपीडो, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली धाराशक्ति, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली और मानव रहित हवाई प्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
