पुलिस बर्बरता का शिकार हुए युवा… धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शशि थरूर का बड़ा बयान, बोले- जवाबदेही जरूरी
Student Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शशि थरूर ने कहा कि गहरी नाकामियां जिन्होंने हमें यहां ला खड़ा किया उन्हें पारदर्शी सुधारों, संस्थागत उत्तरदायित्व और इस प्रण के साथ सुधारा जाना चाहिए।
- Written By: अमन मौर्या
शशि थरूर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shashi Tharoor On Dharmendra Pradhan Resignation: शनिवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान ने जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार द्वारा छात्रों की सभी मांगों को भी मान लिया गया। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को खत्म करने का ऐलान कर दिया। इस मामले पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर का भी बयान सामने आया है। थरूर ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी तब आया है जब संसद मार्च करने वाले छात्रों के ऊपर पुलिस ने बर्बरता से हमला किया था।
लोकतंत्र में जवाबदेही को लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता: शशि थरूर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर शशि थरूर ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात की स्वीकारोक्ति है कि लोकतंत्र में जवाबदेही को अनिश्चित काल के लिए नहीं टाला जा सकता। यह इस्तीफा देश भर में दृढ़तापूर्वक, शांतिपूर्ण और प्रतिबद्ध आवाज उठा रहे छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों के हफ्तों लंबे शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद आया है।
लोकतांत्रिक अधिकार के कारण पुलिस बर्बरता का शिकार हुए युवा: थरूर
शशि थरूर ने लिखा कि यह तब आया है जबकि असंख्य युवा भारतीय नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने लोकतांत्रिक अधिकार के कारण पुलिस की बर्बरता का अनुचित रूप से सामना करना पड़ा। इसकी चिंता हर नागरिक को होनी चाहिए, चाहे उसकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो, लेकिन जवाबदेही एक इस्तीफे से खत्म नहीं होती।
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The resignation of the Education Minister is an acknowledgment that accountability in a democracy cannot be indefinitely evaded. It comes after weeks of determined, peaceful voices raised by students, parents and citizens across the country who refused to be ignored. It also… https://t.co/3KkcRX5MBo — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 25, 2026
उन्होंने लिखा कि वे गहरी नाकामियां जिन्होंने हमें यहां ला खड़ा किया उन्हें पारदर्शी सुधारों, संस्थागत उत्तरदायित्व और इस प्रण के साथ सुधारा जाना चाहिए कि किसी भी भारतीय युवा का भविष्य दोबारा जोखिम में न पड़े। जो छात्र सड़कों पर उतरे, खुलकर अपनी बात रखी और शांतिपूर्वक डटे रहे यह जानने का अधिकार है कि यह सुधारों की शुरुआत है, अंत नहीं।
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प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे देने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री की सलाह पर, राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपने का निर्देश दिया है।
