कांग्रेस की अंदरूनी दंगल से मचा हड़कंप! आपस में भिड़े शशि थरूर और पवन खेड़ा, पीएम मोदी की तारीफ पर उठे सवाल
Congress नेता पवन खेड़ा ने शशि थरूर की आलोचना की है क्योंकि उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत की तारीफ की थी। थरूर ने इस पर हैरानी जताई है।
- Written By: प्रिया जैस
शशि थरूर और पवन खेड़ा (सौजन्य-IANS)
Congress Shashi Tharoor Pawan Khera Fight: कांग्रेस नेता शशि थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के अंदर से आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। पीएम मोदी की तारीफ करने पर उन्हें कांग्रेस नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब थरूर ने कश्मीर में हालात सामान्य करने की दिशा में हो रही सकारात्मक प्रगति पर टिप्पणी की।
शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान भारतीय नागरिक नाविकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने इस मामले में स्थितियों को संभालने के तरीके की तारी की थी।
उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सार्वजनिक और निजी, दोनों तरह की बैठकों में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी। पीएम मोदी ने यह संदेश दिया कि युद्ध के समय, कमर्शियल जहाजों पर मौजूद नागरिक नाविक लड़ाई का निशाना नहीं बनाना चाहिए। वे सैनिक नहीं हैं।
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पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर साधा निशाना
उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उन्हें खरी-खोटी सुना दी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की पीएम मोदी के प्रति प्रशंसा भौतिक दुनिया की सीमाओं को पार कर गई है। ऐसा लगता है कि अब वह वह भी सुनने में सक्षम हैं जो मोदी नहीं कहते। G7 के इतर मोदी-ट्रम्प बैठक के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक विवरण के अनुसार:
- ओमान की खाड़ी में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की नृशंस हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।
- ऑपरेशन सिन्दूर के बाद यह पहली मोदी-ट्रम्प बैठक थी, फिर भी इस बात का कोई संकेत नहीं है कि मोदी ने ट्रम्प के बार-बार किए गए दावे को चुनौती दी है, जो अब 120 से अधिक बार किया जा चुका है कि उन्होंने भारत को व्यापार परिणामों की धमकी देकर युद्धविराम हासिल किया।
- मिलन-2026 के दौरान भारत के अतिथि ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना पर हमले का कोई उल्लेख नहीं है, जो प्रभावी रूप से भारत का रणनीतिक पिछवाड़ा है।
My senior colleague Dr Shashi Tharoor’s admiration for PM Modi appears to have transcended the limitations of the physical world. He now seems capable of hearing what Modi doesn’t even say. According to the official MEA readout of the Modi–Trump meeting on the sidelines of the… pic.twitter.com/6U7BFRxAgZ — Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 20, 2026
और फिर भी, शशि थरूर ने किसी तरह जोरदार दावे, जोरदार जवाबी कार्रवाई और समझौता न करने वाली कूटनीति सुनी, जो कभी भी आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं आई। शायद हममें से बाकी लोग सामान्य मानवीय संवेदनाओं से विवश हैं। ‘महामानव मोदी’ के भक्तों के लिए, वे जितना कम कहते हैं, उतना ही अधिक सुनते हैं।
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शशि थरूर ने जताई हैरानी
पवन खेड़ा के इस बयान के बाद शशि थरूर ने हैरानी जताई। उन्होंने इसका जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सच कहूं तो, मुझे यह बात बहुत अजीब लगती है कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े बयान को एक राजनीतिक विवाद का रूप दिया जा रहा है। तीन भारतीयों की जान चली गई।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरी बात हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत के बारे में थी कि नागरिक नाविकों को कभी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। अगर कुछ लोग इस चिंता पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक फायदा उठाने में ज़्यादा दिलचस्पी रखते हैं, तो यह मेरे बारे में नहीं, बल्कि उनके बारे में ज्यादा बताता है। भारतीयों की जान की चिंता हमें एकजुट करने वाली होनी चाहिए, न कि बांटने वाली।”
