शकुंतला देवी: भारत की वह महिला, जिसने अपने बुद्धि के दम पर कंप्यूटर को किया फ़ैल
- Written By: किर्तेश ढोबले
नई दिल्ली: मानव कंप्यूटर कहे जानेवाली शकुंतला देवी जिनका आज जन्मदिन है। 4 नवम्बर 1929 को बेंगलुरु में जन्मीं शकुंतला देवी (Shakuntala Devi birthday Anniversary) ने गणित के जटिल सवालों को बिना किसी मशीनी सहायता के हल करके दुनिया भर में डंका बजा दिया था। उनकी खासियत यह थी कि उनको कितना भी बड़ा कैलकुलेशन दिया जाता, वह कुछ सेकंडो में पलक झपकते ही उसका आंसर निकाल देते थे।
गणित की दुनिया से रू-ब-रू
शकुंतला के पिता ने उन्हें ताश पत्तों के जरिए गणित की दुनिया से रू-ब-रू कराया। उनकी स्मरण शक्ति बचपन से अच्छी थी। वह तीन साल की कम उम्र में ही अपनी गणनाओं का प्रदर्शन करने लगीं। जिस वजह से लोग दंग रह जाते थे। उन्हें बचपन में कोई औपचारिक शिक्षा नहीं मिली थी।
शकुंतला ने ताश खेलते हुए कई बार अपने पिता को हराया। तब पिता को बेटी की इस क्षमता के बारे में पता चला। पिता ने सर्कस छोड़ शकुंतला देवी पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करना शुरू कर दिया। जिससे उन्हें लोकप्रियता मिलनी शुरू हो गई। बता दें कि जब दुनिया में कंप्यूटर का प्रचलन शुरू हुआ, तब उन्हें मानव कंप्यूटर का नाम भी दे दिया गया।
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शकुंतला देवी की खासियत यह थी कि वो सभी प्रश्न के हल जुबानी बता देती थीं। जब दुनिया में कंप्यूटर के बारे में कोई नहीं जानता था और ना ही ऐसे कैलकुलेटर आए थे जो बड़ी से बड़ी संख्या का गुना, जोड़ना , भाग, घटाना कर दे। उस समय शकुंतला देवी ने गणित की वंडर गर्ल के रूप में तहलका मचाया था।
पहली बार सुर्खियों में आईं शकुंतला देवी
शकुंतला देवी पहली बार तब सुर्ख़ियों में आई जब बीबीसी के रेडिओ कार्यक्रम में उन्होंने जटिल सवाल का जवाब तुरंत ही दे दिया था। इसमें मजे की बात यह रही थी कि शकुंतला देवी का जवाब सही था जबकि रेडियो प्रस्तोता का जवाब गलत था।
शकुंतला देवी के वह प्रदर्शऩ जिसने कर दिया सबको हैरान
टेक्सास के डलास के दक्षिणी मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी में जनवरी 1977 में जब शकुंतला देवी ने केवल 50 सेकेंड में संख्या 201 की 23वीं घात/रूट (20123) का सही उत्तर ‘546372891’ निकालकर सबके होश उड़ा दिए थे। उन्होंने उस समय के 13,000 निर्देशों वाले सबसे तेज कंप्यूटर ‘यूनिवेक’ को भी अपने कौशल से पछाड़ा था, जहां उसने यह गणना करने में 62 सेकेंड का समय लगाया था।
वहीं 18 जून 1980 को शकुंतला देवी ने 13 अंकीय दो संख्याओं 7,686,369,774,870 तथा 2,465,099,745,779’ का गुणा मानसिक रूप से करके अपनी प्रतिभा साबित कर दी थी। जिसके लिए उन्हें लंदन के इंपीरियल कॉलेज के कंप्यूटर विभाग में चयनित किया गया था। उन्होंने केवल 28 सेकेंड में इसका सही उत्तर 18,947,668,177,995,426,462,773,730 दिया था।
शकुंतला देवी जिन्होंने अपने कौशल और प्रतिभा के दम पर कई अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्हें मिले कुछ अवॉर्डों की जानकारी
| 1 | Distinguished Woman of the Year Award | 1969, फिलीपींस विश्वविद्यालय |
| 2 | गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स | 1982 |
| 3 | रामानुजन गणितीय जीनियस अवॉर्ड | 1988, अमेरिका की और से |
| 4 | लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड | 2013 |
2013 में हुआ निधन
शकुंतला देवी का निधन साल 2013 में हुआ। वे लंबे समय से बीमार थे जिस वजह से उन्होंने 83 साल की आयु में अपने जीवन की अंतिम सांस ली।
