फारुख अब्दुल्ला, (सीएम जम्मू कश्मीर)
नवभारत डेस्क: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश में मनमोहन सिंह की समाधी को लेकर चल रही सियासत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अफसोस है कि डॉ. मनमोहन सिंह के गुजरने के बाद भी यह झगड़े चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं केवल जम्मू-कश्मीर के हवाले से उनको याद करूंगा। डॉ. मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत किया है और शायद ही किसी प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लिए इनता किया होगा। अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत कुछ जम्मू-कश्मीर को मनमोहन सिंह के दौर में मिला जिसके लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर हमेशा याद रखेगा।
बता दें कि मनमोहन सिंह के स्मारक को लेकर इस वक्त देश में राजनीति हो रही है। सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर मनमोहन सिंह के अपमान का आरोप लगा रहे हैं।
गुरुवार देश के पुर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हो गया और बीते शनिवार को उनका अंतिम संस्कार हुआ। जिसके बाद आज केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गांधी परिवार पर जमकर हमला बोला है। उनका मानना है कि गांधी परिवार ने उन कांग्रेसी नेताओं को कभी सम्मान नहीं दिया जो उनके परिवार से संबंधित नहीं हैं।
जोशी ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार ने देश के पहले सिख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए कोई ऐसा यथोचित स्थान नहीं दिया जहां बाद में उनका स्मारक बनाया जा सके। जोशी ने कांग्रेस के इस आरोप को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण एवं घटिया राजनीति” बताया।
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मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के बाद राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पूर्व पीएम का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का सम्मान करते हुए उनका अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों पर किया गया हैं।
बता दें कि मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को हुआ था। अर्थशास्त्री होने के अलावा मनमोहन सिंह ने 1982-1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में भी काम किया। वे 2004-2014 तक अपने कार्यकाल के साथ भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 1991 से 1996 के बीच पांच साल भारत के वित्त मंत्री के रूप में बिताए और आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति की शुरुआत करने में उनकी भूमिका को दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है। भारत में उन वर्षों के लोकप्रिय दृष्टिकोण में, वह अवधि सिंह के व्यक्तित्व के साथ अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। उनका अंतिम संस्कार बीते शनिवार दोपहर राष्ट्रीय राजधानी के निगमबोध घाट पर किया गया।