दिल्ली में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से चर्चा करते रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Meets Sonia Gandhi And Mallikarjun Kharge: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। अजित पवार के साथ हुए संदिग्ध विमान हादसे को लेकर रोहित पवार ने दिल्ली का रुख किया और कांग्रेस की शीर्ष लीडरशिप से मुलाकात कर इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।
रोहित पवार ने बताया कि दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। रोहित ने कहा कि खड़गे जी ने सोनिया गांधी को इस पूरे हादसे की गंभीरता से अवगत कराया। इसके अलावा, रोहित पवार ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी इस घटनाक्रम की जानकारी दी। सभी दिग्गज नेताओं ने इस दुर्घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और न्याय दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
अजितदादांच्या विमान अपघाताबाबत दिल्लीत काही खासदारांना भेटून चर्चा करत असताना त्यावेळी काँग्रेसच्या ज्येष्ठ नेत्या आदरणीय सोनिया गांधी मॅडम आणि काँग्रेसचे अध्यक्ष माननीय खर्गे साहेब यांचीही भेट झाली. यावेळी कालच्या भेटीत झालेली सविस्तर चर्चा खर्गे साहेबांनी सोनिया गांधी मॅडम… pic.twitter.com/pKtIgZrOJS — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) March 10, 2026
रोहित पवार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अजित पवार के प्लेन क्रैश पर बात करने के लिए दिल्ली में कुछ सांसदों से मिलते समय, सीनियर कांग्रेस लीडर सोनिया गांधी और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिार्जुन खड़गे साहब भी उनसे मिले। इस समय, खड़गे ने सोनिया गांधी को कल की मीटिंग में हुई डिटेल में बातचीत के बारे में बताया और कहा कि यह बहुत सीरियस मामला है।
रोहित पवार ने महाराष्ट्र और केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारें एक ही विचार की होती हैं, तो उम्मीद की जाती है कि राज्य के प्रस्तावों पर केंद्र तुरंत मुहर लगाएगा। लेकिन ताज्जुब की बात है कि अजित दादा जैसे बड़े जननेता के साथ हुए हादसे की CBI जांच की मांग पर केंद्र सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
राज्य व केंद्र सरकार एकाच विचाराचे डबल इंजिन सरकार असेल तर राज्य सरकारने पाठवलेले प्रस्ताव केंद्र सरकार लगेच मान्य करतं असं वाटत होतं.. पण अजित दादांसारख्या लोकनेत्याच्या अपघाताच्या सीबीआय चौकशीची राज्य सरकारने मागणी करूनही केंद्र सरकार दखल घेत नाही, कुठेतरी मनाला पटणारे नाही.… — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) March 10, 2026
यह भी पढ़ें:- जिष्णू देव वर्मा ने ली महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ, जानें त्रिपुरा राजघराने से मुंबई के लोक भवन तक का सफर
रोहित पवार ने तुलना करते हुए पूछा कि सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में जब बिहार सरकार ने सिफारिश की थी, तब केंद्र ने मात्र दो दिनों के भीतर CBI जांच शुरू कर दी थी। फिर अजित दादा के मामले में वही तत्परता क्यों नहीं दिखाई जा रही? क्या केंद्र की नजर में यह मामला गंभीर नहीं है?
रोहित पवार ने अजित पवार गुट के विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए ‘स्मरण पत्र’ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह आभार की बात है कि विधायक सक्रिय हैं, लेकिन सरकार में शामिल होने के बावजूद अगर आपको अपनी ही सरकार को याद दिलाना पड़े, तो यह सोचने वाली बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लेटर देने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए पूरी ताकत के साथ लड़ना होगा।