गणतंत्र दिवस पर आतंकी साया: दिल्ली में हाई अलर्ट, खालिस्तानी-बांग्लादेशी गठजोड़ की बड़ी साजिश
Republic Day 2026 Alert:गणतंत्र दिवस से पहले खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली समेत कई शहरों में हाई अलर्ट जारी किया है। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकी संगठन स्थानीय गैंगस्टर्स के जरिए हमले की फिराक में है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
दिल्ली में हाई अलर्ट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
IB Alert 26 January: गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व में खलल डालने के लिए सीमा पार से एक अत्यंत खतरनाक और ‘हाइब्रिड’ साजिश रची जा रही है। खुफिया ब्यूरो (IB) के ताजा इनपुट्स के अनुसार, विदेशी धरती से संचालित आतंकी आका अब भारतीय गैंगस्टर्स को ‘फुट सोल्जर’ बनाकर दिल्ली-NCR और अन्य महानगरों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।
26 जनवरी के समारोह को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती आतंकवादियों और स्थानीय गैंगस्टर्स का यह नया ‘हाइब्रिड मॉडल’ बनकर उभरा है। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान और कनाडा जैसे देशों में बैठे खालिस्तानी आका अब सीधे भारत में घुसपैठ करने का जोखिम उठाने के बजाय स्थानीय आपराधिक नेटवर्कों का सहारा ले रहे हैं।
स्लीपर सेल की तरह करते हैं काम
ये गैंगस्टर आतंकियों के लिए ‘स्लीपर सेल’ की तरह काम करते हैं और जमीनी स्तर पर हथियार सप्लाई, रेकी (Recce) और लॉजिस्टिक्स का पूरा जिम्मा संभालते हैं। इस गठजोड़ के बदले में इन अपराधियों को सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भेजे गए अत्याधुनिक हथियार और मोटी रकम मुहैया कराई जाती है।
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दिल्ली-NCR से लेकर राजस्थान तक सक्रिय हैं आतंकी तत्व
खुफिया अलर्ट में विशेष रूप से संकेत दिया गया है कि पंजाब के गैंगस्टर्स का इस्तेमाल ‘मोहरे’ के रूप में किया जा रहा है, जिनका नेटवर्क केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। ये तत्व हरियाणा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी अत्यधिक सक्रिय हैं और धीरे-धीरे खालिस्तानी आतंकियों के साथ ऑपरेशनल लिंक स्थापित कर चुके हैं।
खुफिया एजेंसियों को अंदेशा है कि ये संगठन गणतंत्र दिवस के आसपास दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इस बार खतरा इसलिए भी दोगुना माना जा रहा है क्योंकि खालिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ बांग्लादेश स्थित आतंकी नेटवर्क भी भारत के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं।
ISI का ‘K2 डेस्क’ और साजिश का बदला हुआ स्वरूप
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कुख्यात ‘K2 डेस्क’ (कश्मीर-खालिस्तान डेस्क) की रणनीति का हिस्सा है। पहले जहाँ ISI कश्मीर और खालिस्तान के जरिए सीधे हमले करवाती थी, वहीं अब सुरक्षा बलों की सख्ती को देखते हुए रणनीति बदल दी गई है। अब ‘आतंकियों’ की जगह ‘गैंगस्टर्स’ का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित हमले को ‘स्थानीय अपराध’ (Local Crime) का रंग दिया जा सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी संलिप्तता को छुपाया जा सके।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। खतरे की गंभीरता को देखते हुए राजधानी के मेट्रो स्टेशनों, कश्मीरी गेट बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले बाजारों में संदिग्ध खालिस्तानी आतंकियों, जैसे अर्श डल्ला, के पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं ताकि आम जनता उन्हें पहचान सके।
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इसके अलावा, दिल्ली के संवेदनशील इलाकों जैसे लाल किला, चांदनी चौक, सदर बाजार और ISBT कश्मीरी गेट पर सुरक्षा बलों द्वारा ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और सघन जांच अभियान (Intensive Checking) चलाए जा रहे हैं।
नागरिकों से अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि को देखते ही तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें। विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर बिना देरी किए तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि गणतंत्र दिवस का पर्व निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
