राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब इस योजना पर कर रहा काम, जानिए क्या है पूरा एजेंडा
जॉइन आरएसएस अभियान के अलावा स्वयंसेवक संघ इस नयी रणनीति पर काम करने जा रहा है, ताकि उसका तेजी से विस्तार हो सके। यह अभियान तेजी से सभी संगठनों के द्वारा शुरू किया जाएगा...
- Written By: विजय कुमार तिवारी
कांसेप्ट फोटो (सौं. सोशल मीडिया)
नागपुर : इधर कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चर्चा का विषय बना हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की बैठक में कई हम फैसला लेते हुए अब अपनी एक नई रणनीति बनाने पर जुट गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब हर बड़े गांव में अपनी शाखाएं लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही साथ वह वंचित वर्ग में संगठन को लेकर पहले से मौजूद भ्रांतियां को दूर करने के लिए एक नई रणनीति के तहत काम करने की योजना पर अमल करने जा रहा है।
आपको याद होगा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में वंचित वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सामाजिक समरसता की एक मुहिम चलाई थी, जिसके तहत एक गांव, एक कुआं, एक शमशान अभियान समेत तमाम बेहद सकारात्मक कार्य पर जोर दिया था। जिसका असर भी पड़ा था। अब संघ इसी मुहिम को और विस्तार से अभावग्रस्त वाली बस्तियों में वृहद सेवा कार्य योजना के जरिए जाने की कोशिश कर रहा है।
संघ के सूत्रों का दावा है कि अब तक लिए गए फैसले के अनुसार अनुसंधानिक संगठन कार्य करेंगे। हालांकि कुछ संगठन पहले से ही इस तरह की सेवा कार्य में जुटे हैं। इसी का राष्ट्रीय सेवा संघ सेवक संघ अन्य इलाकों में विस्तार करना चाहता है।
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अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की बैठक में फैसला
आपको बता दें कि झारखंड की राजधानी रांची में अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक की बैठक में इसके लिए मंथन किया गया। मीटिंग के दौरान देश भर की अभावग्रस्त बस्तियों में सेवा कार्य शुरू करने और इसमें सभी अनुसांगिक संगठनों की भूमिका तय करने पर सहमति बनाई गई है। बैठक के दौरान शताब्दी वर्ष की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की कोशिश की गई है। साथ ही साथ संघ प्रमुख के आगामी 1 वर्ष के राष्ट्रीय प्रवास सहित कई अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रांत प्रचारकों की राय जानने की कोशिश की गई है।
संघ की बैठक में मौजूद सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि वंचित वर्ग तक संगठन की मजबूत पैठ बनाने के लिए शताब्दी वर्ष तक ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अभावग्रस्त बस्तियों और 5000 से अधिक की जनसंख्या वाले गांवों में व्यापक सेवा कार्य शुरू किया जा सके।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संस्कार पहुंचाने की पहल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कोशिश है कि वंचित उपेक्षित और अभावग्रस्त लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संस्कार पहुंचाने के लिए संगठन को काम करना चाहिए। इसी के जरिए वह वंचित वर्ग में अपने प्रति मौजूद भ्रांतियों को दूर कर सकता है। इसके लिए संघ में सेवा भारती व सेवा न्यास सहित करीब डेढ़ दर्जन अनुसांगिक संगठनों को कमर कस के मैदान में उतारने का निर्देश दिया है। इस दौरान शाखा प्रमुखों को भी ऐसी बस्तियों के चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपनी ओर से पहल सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। सभी राजनीतिक दल चुनाव में अपनी बात को लेकर जनता के पास जाते हैं। लोग उन बातों के आधार पर ही मतदान करके अपना निर्णय देते हैं। जनता ने अपना फैसला दे दिया है। हमें उसका सम्मान करना चाहिए। इसके अलावा सुनील आंबेकर ने इस बात पर जोर दिया कि देश में धर्मांतरण पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है और इसके लिए मौजूदा कानून का जोर-जोर से पालन होना चाहिए।
जॉइन आरएसएस अभियान
स्वयंसेवक संघ के द्वारा जॉइन आरएसएस अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसको लोग पसंद कर रहे हैं। 2012 में संघ से ऑनलाइन जुड़ने के लिए यह अभियान शुरू किया गया था। वेबसाइट से हर साल एक से सवा लाख लोग संघ से जुड़कर उसकी गतिविधियों में हिस्सा लेने की कोशिश कर रहे हैं। इस साल भी जून तक के आंकड़ों को देखा जाए तो लगभग 67 हजार लोग संघ से जुड़ने की इच्छा जाता चुके हैं।
