2014 का वो खौफनाक मंजर और अब रिहाई का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रामपाल को इन शर्तों पर दी राहत; जानें पूरा मामला

Rampal Case:: सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देशद्रोह और हत्या के मामलों में जमानत मिलने के बाद अब रामपाल के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
High Court Order On Rampal Case
रामपाल (सोर्स- डिजाइन इमेज)
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Rampal Jail Release: करौंथा आश्रम के संचालक रामपाल को तीसरे केस में जमानत मिल गई है और वह जेल से जल्द बाहर आ सकता है। उसे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है क्योंकि देशद्रोह मामले में भी जमानत दे दी गई है। इससे पहले हत्या के दो अलग मामलों में भी उसे जमानत मिल चुकी थी।

इस फैसले के बाद रामपाल के जेल से बाहर आने का रास्ता लगभग साफ हो गया है और कानूनी लड़ाई का नया चरण शुरू होने की संभावना है। यह मामला सालों से सुर्खियों में रहा है और इस पर देशभर की निगाहें लगातार बनी हुई थीं।

अदालत से मिली राहत

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को राहत देते हुए कहा कि अवमानना याचिका का निपटारा किया जा चुका है और उनके द्वारा मांगी गई बिना शर्त माफी स्वीकार की जाती है। अदालत ने उनकी उम्र और लंबे कारावास को ध्यान में रखते हुए जमानत देने का निर्णय सुनाया। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की अवमानना होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कानून से कोई समझौता नहीं होगा।

पुराने मामले और सजा

ट्रायल कोर्ट पहले ही रामपाल को दो अलग अलग हत्या के मामलों में दोषी ठहरा चुका है। हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट ने इन सजा आदेशों पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया था। इसके बावजूद राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे गंभीर आरोपों के चलते वह अब तक जेल में बंद थे। नए आदेश के बाद उनकी रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

गिरफ्तारी और हिंसा का घटनाक्रम

रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान 2014 में आश्रम परिसर में हिंसा हुई थी। रामपाल के खिलाफ 2014 में एक और एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के अनुसार, राम पाल ने लगभग 600-700 महिलाओं और बच्चों को मुख्य द्वार के बाहर बैठा दिया और 1500-2000 युवा लाठी, बम और बंदूक लेकर आश्रम की छत पर तैनात थे। जब पुलिस ने लाउडस्पीकर पर घोषणा की कि गिरफ्तारी वारंट हैं तो राम पाल के सहयोगियों ने आश्रम के बाहर डीजल और पेट्रोल के केन वाले लोगों को बैठा दिया, जो पुलिस को धमकी दे रहे थे कि वह राम पाल को गिरफ्तार नहीं होने देंगे और पुलिस को ऐसा करने के लिए उनके शवों के ऊपर से गुजरना पड़ेगा।

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