IAS बनना चाहते थे रामनाथ कोविंद, UPSC पास करने के बाद भी टूटा सपना, जानिए पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ी रोचक बातें

Ram Nath Kovind: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1 अक्टूबर 1945 को जन्मे कोविंद राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
Ram Nath Kovind Birthday
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Former President Ram Nath Kovind Birthday: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज, 1 अक्टूबर 2026 को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित परौंख गांव में हुआ था। रामनाथ कोविंद दलितों के कोली समुदाय से आते हैं। वह उत्तर प्रदेश से चुने जाने वाले पहले राष्ट्रपति हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2017 को भारत के राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था।

राष्ट्रपति बनने से पहले रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उनका तीन दशक से अधिक लंबा सक्रिय राजनीतिक जीवन रहा है। अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत से ही उन्होंने अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों के लिए काम किया। वह भाजपा दलित मोर्चा और अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभाई। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रामनाथ कोविंद को भाजपा के प्रमुख दलित चेहरों में गिना जाता था।

Ram Nath Kovind
अखिल भारतीय कोली समाज के सम्मेलन को संबोधित करते रामनाथ कोविंद(सोर्स- सोशल मीडिया)

ऐसा रहा पूर्व राष्ट्रपति का राजनीतिक सफर

रामनाथ कोविंद वर्ष 1990 में भाजपा में शामिल हुए और लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा ने उन्हें वर्ष 1993 और 1999 में राज्यसभा भेजा। राज्यसभा के दौरान वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने।

साल 2007 में रामनाथ कोविंद ने बोगनीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वह चुनाव जीत नहीं सके। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका दी गई और प्रदेश महासचिव बनाया गया। आगे चलकर उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में की वकालत

एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद रामनाथ कोविंद ने आईएएस बनने की तैयारी की। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा भी पास की थी, लेकिन आईएएस कैडर नहीं मिलने के बाद उन्होंने वकालत को अपना पेशा बनाने का फैसला किया।

रामनाथ कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत की। वर्ष 1977 से 1979 तक वह दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। इसके बाद 1980 से 1993 तक उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत की।

former president ram nath kovind birhtday
IAS बनना चाहते थे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद(सोर्स- सोशल मीडिया)
Ram Nath Kovind Birthday
नवभारत विशेष: अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी, जानें उनके जीवन और विचारों से जुड़े खास प्रसंग
RamNath Kovind Birthday
पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव थे रामनाथ कोविंद(सोर्स- सोशल मीडिया)

मोरारजी देसाई के निजी सचिव थे कोविंद

वकील के तौर पर रामनाथ कोविंद ने गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की मदद के लिए भी काम किया। फ्री लीगल एड सोसाइटी के माध्यम से उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, जरूरतमंदों और गरीबों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में योगदान दिया। इसके अलावा, कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि वर्ष 1977 में भाजपा में शामिल होने से पहले रामनाथ कोविंद पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रह चुके थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com