अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, पिनाराई विजयन ने PM से मांगा जवाब

Ram Mandir fund controversy: अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।
Ayodhya Ram Temple donation controversy: Pinarayi Vijayan demands Supreme Court-monitored probe, seeks PM's response
पिनाराई विजयन ( सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pinarayi Vijayan On Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इस विवाद में अब केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजयन भी कूद पड़े हैं। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। फेसबुक पर जारी अपने बयान में विजयन ने आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मंदिर निर्माण और संचालन के लिए जुटाए गए चंदे का उपयोग किस प्रकार किया गया। विजयन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए लोगों की आस्था का इस्तेमाल किया गया और इसकी आड़ में वित्तीय अनियमितताएं भी हुईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर जवाब देने की मांग की। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

पिनाराई विजयन ने उठाए गंभीर सवाल

सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने फेसबुक पोस्ट में वित्तीय गड़बड़ी की खबरों को 'बेहद गंभीर' बताया और कहा कि इनसे लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंताजनक सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों की आस्था का इस्तेमाल किया, उन्होंने इसकी आड़ में सुनियोजित तरीके से वित्तीय धोखाधड़ी भी की।

चंदे का हिसाब जनता को बताया जाए

विजयन ने दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों के संघ परिवार से जुड़े संगठनों के साथ करीबी संबंध थे और कहा कि उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे बताएं कि लाखों भक्तों से इकट्ठा किया गया पैसा कैसे खर्च किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी से भी मांगा जवाब

उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि चंदा कहां गया। विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन आरोपों पर जवाब देने को कहा, क्योंकि उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अहम भूमिका निभाई थी। सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक संसदीय अधिसूचना के जरिए बनाए गए ट्रस्ट पर अब शक के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग तेज

विजयन के मुताबिक, मंदिर के फंड को लेकर चल रहा विवाद संघ परिवार की राजनीति के 'असली चरित्र' को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की आस्था का इस्तेमाल न सिर्फ राजनीतिक मकसद के लिए, बल्कि पैसे कमाने के लिए भी किया गया। निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विजयन ने केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच का आदेश देने को कहा।

एसआईटी जांच में अब तक आठ गिरफ्तार

उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ स्वतंत्र और न्यायिक निगरानी वाली जांच ही सच का पता लगा सकती है, जवाबदेही तय कर सकती है और मंदिर प्रोजेक्ट में योगदान देने वाले लाखों भक्तों का भरोसा फिर से कायम कर सकती है।

उनके आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के जरिए की गई इन टिप्पणियों ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए इकट्ठा किए गए चंदे के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में एक नया राजनीतिक पहलू जोड़ दिया है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

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