अयोध्या राम मंदिर में होंगे बड़े बदलाव, SIT जांच में 40 लोगों पर गिरी गाज, पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी घेरे में

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft SIT: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने पुलिसकर्मियों और सुरक्षा कर्मचारियों समेत 40 संदिग्धों की पहचान की है। ट्रस्ट के अधिकारी चंपत राय जांच के दायरे में हैं।
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अयोध्या राम मंदिर (सौजन्य-IANS)
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SIT 40 Suspects Ram Mandir Chanda Case: उत्तर प्रदेश के श्री राम मंदिर अयोध्या में करोड़ों रुपये के चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बड़ा खुलासा किया है। SIT की प्रारंभिक जांच में चढ़ावा चोरी मामले में 40 लोगों के सीधे तौर पर हस्तक्षेप होने की बात सामने आई है। जांच में लगभग 40 लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि इन लोगों की लापरवाही भी इस मामले में चढ़ावा चोरी को बढ़ावा देती है।

इस सूची में कंट्रोल रूम प्रभारी से लेकर वहां तैनात कर्मी, काउंटिंग रूम के बाहर पहरा देने वाले निजी सुरक्षाकर्मी, पुलिस और पीएसी के जवान भी शामिल हैं। इस खुलासे के बाद अब सभी 40 लोगों की भूमिका की अलग-अलग तरह से जांच शुरू कर दी गई है।

SIT जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोषियों का वर्गीकरण किया जा रहा है। इस मामले में जिन कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से FIR दर्ज कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन सुरक्षा अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही

SIT की रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में चोरी की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बड़े सवाल पैदा करती है। काउंटिंग रूम और उसके आस-पास तैनात सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी पहले से तय होने के बाद भी इतने बड़े स्तर की चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही बयां करती है। सुरक्षा में घोर लापरवाही को देखते ही चोरों ने फायदा उठाकर चोरी की वारदात को लगातार अंजाम दिया।

ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जांच

जांच एजेंसियों ने यह भी साफ किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के किसी भी पदाधिकारियों को अभी तक कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। सुरक्षा एजेंसी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और निर्माण समिति से जुड़े सहायक गोपाल राव की भूमिका की जांच कर रही है। एसआईटी इस मामले में गहनता से जांच कर रही है कि क्या यह लापरवाही इन सभी पदाधिकारियों के नाक के नीचे से की जा रही थी या नहीं। फिलहाल, यह माना जा रहा है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।

SIT ने सुरक्षा में बदलाव की सिफारिश की

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने मंदिर के सुरक्षा ढांचे में बदलाव करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में सुरक्षा से जुड़े मौजूदा अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बदलने की सिफारिश की गई है। साथ ही सरवेलांस सिस्टम को हाई-टेक करने और एक नई सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने की बात कही गई है। इस बदलाव का उद्देश्य भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की रोकने और इसकी पूरी व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाना है।

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