हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई नहीं चलेगा, टी राजा ने बताया BJP में क्यों घुट रहा था दम?

राजा सिंह ने यह भी कहा कि एक बात है कि भले बीजेपी में रहूं या न रहूं, लेकिन पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ के कट्टर समर्थक रहेंगे और बिना पार्टी में रहे उनके काम का प्रचार करते रहेंगे।
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टी राजा सिंह(Image- Social Media)
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हैदराबाद: तेलंगाना की गोशामहल सीट से विधायक और फायरब्रैंड नेता टी राजा सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। टी राजा ने पार्टी नेता रामचंदर राव को तेलंगाना भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की संभावना की मीडिया रिपोर्ट के बाद ये कदम उठाया है। इस्तीफे के पीछे का कारण बताते हुए राजा सिंह ने कहा कि तेलंगाना में हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई की राजनीति नहीं चलती है। यहां पर आक्रामक अध्यक्ष की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारा पार्टी में दम घुट रहा था, इसलिए राम-राम कर दिया।

ऐसा अध्यक्ष चाहिए जो अग्रेसिव हो

टी राजा सिंह ने कहा कि ''तेलंगाना में बीजेपी सरकार तभी बनेगी, जब हर कार्यकर्ता और नेता सही तरीके से काम करेगा। आज हर कार्यकर्ता बूथ लेवल पर काम कर रहा है, लेकिन जब कोई बड़े पद का चयन होने का समय आता है या बीजेपी तेलंगाना अध्यक्ष का समय आता है तब पार्टी यह नहीं सोचती कि कैसा अध्यक्ष बनाना चाहिए”। उन्होंने आगे कहा कि “हमें एक ऐसा अध्यक्ष चाहिए जो अग्रेसिव हो। तेलंगाना में हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई की राजनीति नहीं चलती है। जो हिंदुत्व की बात करता है तेलंगाना की जनता उसे सिर पर बैठाकर आगे चलती है।''

योगी आदित्यनाथ के कट्टर समर्थक रहेंगे

राजा सिंह ने साथ ही कहा कि ''एक बात है कि भले भाजपा में रहूं या न रहूं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ के कट्टर समर्थक रहेंगे तथा बिना पार्टी में रहे उनके काम का प्रचार करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कई महीनों से कार्यकर्ता एक ऐसा अध्यक्ष चाह रहे थे, जो हिंदुवादी हो और हिंदुत्व की बात सुने और हमारे कार्यकर्ताओं की सुने”। बंदरों की नसबंदी का फैसला! बढ़ती आबादी से तंग आकर राज्य ने उठाया बड़ा कदम

गलत नेतृत्व का चयन: राजा सिंह

इससे पहले टी राजा सिंह ने अपने त्यागपत्र में लिखा था कि, ‘ये फैसला न केवल मेरे लिए बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं, नेताओं तथा मतदाताओं के लिए भी झटका है, जिन्होंने बीजेपी का समर्थन किया है। बीजेपी की पहली सरकार बनाने के लिए तेलंगाना तैयार था, लेकिन गलत नेतृत्व के चयन ने इसे खतरे में डाल दिया है।’

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