18 साल का बच्चा निकला CBI से भी तेज... CBSE OSM Scam पर राहुल गांधी का PM मोदी पर तंज, थपथपाई सार्थक की पीठ

Sarthak Siddhant CBSE Disclosure: CBSE-COEMPT मिलीभगत का पर्दाफाश करने वाले 18 साल के सार्थक की राहुल गांधी ने तारीफ की है। बोले छात्रों ने CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
An 18-year-old proved faster than even the CBI... Rahul Gandhi takes a dig at PM Modi over the CBSE OSM scam and praises Sarthak.
राहुल गांधी और सार्थक सिद्धांत (सोर्स-@RahulGandhi)
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Rahul Gandhi CBSE OSM Scam: देशभर में NEET UG पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ी के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बड़ा सवाल उठाया है। ओएसएम टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले छात्र सार्थख सिद्धांत और उनके सहयोगी निसर्ग अधिकारी की राहुल गांधी ने सराहना की है। राहुल ने सार्थक की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए। CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।

PM मोदी पर साधा निशाना

सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं। मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूंढ निकाले। देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज निकला।

नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है। यही है भारत की असली युवा शक्ति- जिज्ञासु, जागरूक, जानकार और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।

क्या है पूरा मामला?

बोर्ड द्वारा इस साल CBSE 12वीं के छात्रों की कॉपियों के मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और OSM पोर्टल जैसे तरीके अपनाए गए। इस पर कुछ छात्रों ने दावा किया कि OSM पोर्टल और उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल रिकॉर्ड में गंभीर सुरक्षा और तकनीकी समस्याएं सामने आ रहीं हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट भी वायरल हुईं। पोस्ट में स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता, कॉपियों की गुणवत्ता और मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए। इसके बाद छात्रों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की।

सरकार की कार्रवाई

छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गलती भी मानी और IIT संस्थानों से जांच कराने तथा संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया। इसके बाद सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया और नए चेयरमैन की नियुक्ति की गई।

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