लालू पुत्र न होते तो वॉर्ड भी नहीं जीतते, तेजस्वी के आरोपों पर JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का करारा पलटवार

JDU Umesh Singh: बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी का शक्ति प्रदर्शन। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की डिग्री और हलफनामे पर उठाए सवाल। जदयू का पलटवार कर बोले लालू के बेटे न होते तो वॉर्ड भी नहीं जीतते।
High-voltage drama in Bihar Assembly floor test. Tejashwi Yadav questions CM Samrat Chaudhary's educational degree from Kamraj University. JDU hits back.
उमेश यादव कुशवाहा और तेजस्वी यादव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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JDU Umesh Singh Kushwaha Statement: बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिपरिषद में विश्वास मत बहुमत से हासिल कर लिया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को जमकर घेरा था। तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच जमकर बहस भी हुई। इस पर JDU अध्यक्ष ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला। बिहार विधानसभा में सत्ता और विपक्ष में जमकर बहस हुई।

JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह तो औपचारिकता थी। नीतीश कुमार का सुशासन और विकास मॉडल जारी रहेगा। तेजस्वी यादव के बयान पर कि वे और क्या कह सकते हैं? तेजस्वी यादव अगर लालू यादव के पुत्र नहीं होते तो क्या वे एक वॉर्ड भी जीत पाते? उनकी तो अपराध, लूट, भ्रष्टाचार की पाठशाला है।"

JDU अध्यक्ष का करारा पलटवार

बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा,' मैं सबसे पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देता हूं उनको सबने एकमत से समर्थन दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आप परेशान न हो अगले कई पीढ़ियों तक वो सत्ता में नहीं आने वाले हैं और शायद विपक्ष की भूमिका में भी नहीं रहें।"

तेजस्वी ने विधानसभा में घेरा

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि विकास कार्यों के लिए सरकार में स्थिरता का होना ज़रूरी है। लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां 5 सालों में यह पांचवीं सरकार बनी है। 'इलेक्टेड मुख्यमंत्री' से 'सिलेक्टेड मुख्यमंत्री' तक के इस बदलाव के लिए हम सम्राट चौधरी को धन्यवाद देना चाहेंगे। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि वे लालू प्रसाद यादव की 'पाठशाला' के ही पढ़े हुए हैं। हमारे लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि वे मुख्यमंत्री बने हैं?"

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि किस हलफनामे का जिक्र कर रहे हैं? क्या अब उसे स्वीकार कर लिया गया है? वे बिहार के मुख्यमंत्री हैं, और हर किसी को यह जानने का अधिकार है कि वे कितने पढ़े-लिखे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कामराज यूनिवर्सिटी से कौन-सा कोर्स किया है। ऐसा लगता है कि यह कोई ऐसा कोर्स है जो मैट्रिक की तैयारी के लिए बनाया गया है।

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