कुछ दिनों पहले पड़ी थी रेड...आज BJP में हुए शामिल, जानें कौन हैं अशोक मित्तल और संदीप पाठक

Sandeep Pathak Quits AAP: आप में बड़ी टूट हुई है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत 7 सांसदों ने आप पार्टी छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गए है। आज वे नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे।
Massive jolt to AAP as Raghav Chadha, Sandeep Pathak, Ashok Mittal, and 4 other RS MPs quit the party to join BJP. Meet BJP National President Nitin Nabin.
संदीप पाठक और अशोक मित्तल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ashok Mittal Quits AAP: शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा, जब उसके राज्यसभा सांसदों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी छोड़ दी। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाठक ने कहा कि वह BJP में शामिल होने जा रहे हैं। चड्ढा ने आगे कहा कि AAP के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक गुट के तौर पर BJP में शामिल होंगे।

राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी के असंतुष्ट नेता स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह सहित कई अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी AAP छोड़ दी है। इन तीनों ने दावा किया कि AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात ने पार्टी छोड़ दी है। कुछ दिन पहले ही 15 अप्रैल को अशोक मित्तल और उनके बेटे के घर पर ED की टीम ने रेड की थी। जानकारी के अनुसार, लगभग 8 से 9 परिसरों पर ED रेड पड़ी थी। इस रेड के बाद अब उन्होंने भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इस पर आप सांसद संजय सिंह ने सवाल भी उठाए है।

आज से मेरा रास्ता अलग - संदीप पाठक

राज्यसभा सांसद संदीप पाठक बोले, “मैं पिछले दस सालों से इस पार्टी से जुड़ा रहा हूं, और आज मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूं। भगवान गवाह हैं कि मुझे जितने मौके मिले, मैंने उनसे कहीं ज़्यादा काम किया। आज से मेरा रास्ता अलग है।” राघव चड्ढा के साथ दोनों ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है वे कुछ ही देर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात भी करेंगे। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी के लिए संदीप पाठक और अशोक मित्तल एक बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। अशोक मित्तल को अरविंद केजरीवाल के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता रहा है। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना बड़े सदमे की तरह है। चलिए आपको बताते है कि आखिर कौन है आप के ये दो बड़े सांसद, जिनके जाने से पार्टी हिल गई है।

संदीप पाठक का राजनीतिक सफर

2022 से यह चेहरे राज्यसभा में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे। संदीप पाठक मूलत: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बताहा गांव में किसान परिवार से आते है। शुरुआती पढ़ाई अपने गांव में छठी कक्षा तक की और आगे की पढ़ाई के लिए वे बिलासपुर चले आए, जहां उन्होंने अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई जारी रखी और मास्टर्स पूरा किया। यहां से उनका सफर देश के बड़े शोध संस्थानों तक पहुंचा। वे पहले हैदराबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी और पुणे के नेशनल केमिकल लेबोरेटरी में शोध से जुड़े। यहां से उनके विदेश यात्रा की शुरुआत हुई। संदीप पाठक ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से हाई टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग मटेरियल पर पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और MIT जैसे संस्थानों में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च किया।

पंजाब चुनाव से राजनीति में आए

साल 2016 में संदीप पाठक IIT दिल्ली में प्रोफेसर बने। वे राजनीति में कदम रखने से पहले शिक्षा और रिसर्च की दुनिया में बड़ा नाम कमा चुके थे। राजनीति में उनकी भूमिका 2022 के पंजाब चुनाव के दौरान सामने आई। यहां वे पर्दे के पीछे से राजनीति की रणनीति बना रहे थे। जो कि पार्टी के लिए फायदेमंद रही और उनके काम को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और वे पार्टी के अहम चेहरे के रूप में उभर कर आए थे।

बिजनेसमैन अशोक मित्तल का सफर

अशोक मित्तल एक सफल कारोबारी है और शिक्षा क्षेत्र में बड़ा नाम कमा चुके हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान देते आए है। अशोक मित्तल ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की। साल 2022 में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।

संदीप पाठक की तरह ही उन्होंने भी 2022 में राजनीति की दुनिया में कदम रखा। 2022 के पंजाब चुनाव के बाद अशोक मित्तल राजनीति में सक्रिय हुए। उनके काम को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया और वे निर्विरोध सांसद चुने गए। बाद में वे संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी बने। उन्हें आम आदमी पार्टी का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता रहा है। राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटाने के बाद अशोक मित्तल को पार्टी का उपनेता बनाया गया था। इससे यह साफ जाहिर है कि अशोक मित्तल पार्टी के लिए कितने अहम सासंद थे।

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