स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (सौजन्य सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार देश में ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करना चाहती है जिससे युवाओं को पढ़ाई करने के लिए विदेश न जाना पड़े। गुरूवार को प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक संख्या में विदेशी छात्र भारत आएं और पढ़ाई करें।
आजादी के जश्न के मौके पर भारतवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘हम भारत में ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करना चाहते हैं कि युवाओं को पढ़ने के लिए विदेश जाने की जरूरत ही न पड़े। वास्तव में हम चाहेंगे कि अधिक संख्या में विदेशी छात्र यहां आएं और पढ़ाई करें।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हमने पिछले 10 साल में मेडिकल सीटों की संख्या को करीब करीब एक लाख तक कर दिया। हर साल भारत से 25 हजार युवा मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विदेशों में जाते हैं। ये युवा छात्र ऐसे-ऐसे देशों में जाते हैं कि मैं सुनकर हैरान रह जाता हूं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में घोषणा करते हुए कहा, ‘‘हमने तय किया है कि अगले पांच साल में मेडिकल लाइन में 75 हजार नई सीटें बनाई जाएंगी।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने विकसित भारत की पहली पीढ़ी को ध्यान में रखकर पोषण अभियान भी शुरू किया है। देशभर में आज आजादी का जश्न मनाया जा रहा है। 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 11वीं बार लाल किले पर झंडा फहराया। झंडा फहराने के बाद पीएम मोदी ने स्वर्णिम काल में भारत की उपलब्धियों और 2047 के विकसित भारत की नीतियों को लेकर बात कही।
(एजेंसी इनपुट के साथ)