कारगिल विजय दिवस पर द्रास पहुंचेंगे पीएम मोदी; मां भारती के सपूतों को करेंगे नमन, लद्दाख को देंगे ये सौगात
समूचा हिदुस्तान कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वार मेमोरियल पहुंचकर श्रृद्धांजलि अर्पित करेंगे।
- Written By: अभिषेक सिंह
कारगिल विजय दिवस पर द्रास पहुंचेंगे पीएम मोदी (सोर्स-सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: शुक्रवार को समूचा हिदुस्तान कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वार मेमोरियल पहुंचकर श्रृद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान पीएम शिंकुन ला सुरंग परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1999 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में, शुक्रवार को लद्दाख में करगिल समर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘26 जुलाई, हर भारतीय के लिए बेहद खास दिन है। हम 25वां करगिल विजय दिवस मनाएंगे।
Tomorrow, 26th July, is a very special day for every Indian. We will mark the 25th Kargil Vijay Diwas. It is a day to pay homage to all those who protect our nation. I will visit the Kargil War Memorial and pay tributes to our brave heroes. Work will also commence for the Shinkun… — Narendra Modi (@narendramodi) July 25, 2024
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पीएम ने आगे लिखा कि यह उन सभी को श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होंने हमारे देश की रक्षा की। मैं करगिल समर स्मारक पर जाऊंगा और हमारे बहादुर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि शिंकुन ला सुरंग परियोजना का भी काम शुरू होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, यह परियोजना लेह को सभी मौसम में संपर्क प्रदान करेगी और पूरी होने पर यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी।
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आपको बता दें कि 26 मई, 1999 को सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ और एयर फ़ोर्स ने ‘ऑपरेशन सफ़ेद सागर’ शुरू किया। ठीक दो महीने बाद यानी 26 जुलाई को यह भारतीय सेना की जीत के साथ खत्म हुआ। कारगिल में सेना के कुल 34 अफसर और 493 जवान शहीद हुए जबकि 1363 जवान घायल हुए थे।
कौन भूलेगा इनका रणकौशल
देश आज भी स्क्वैड्रन लीडर अजय आहूजा, लेफ्टिनेंट सौरभ कालिया, कैप्टेन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज पाण्डेय, लेफ्टिनेंट हनीफउद्दीन, हवलदार अब्दुल करीम के सर्वोच्च बलिदान और राइफलमैन संजय कुमार व योगेन्द्र यादव जैसे इस उन तमाम सैनिकों के सैनिकों के रणकौशल को याद करता है। ये वो नाम हैं जो अकेले सैकड़ों दुश्मनों पर भारी पड़े थे।
