उडुपी में PM Modi ने खोला 50 साल पुराना राज, राम मंदिर और कृष्ण मठ का यह कनेक्शन जान चौंक जाएंगे आप
PM Narendra Modi ने आज उडुपी में श्री कृष्ण मठ में लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में एक लाख भक्तों के साथ भगवत गीता के श्लोक पढ़ने के बाद भाजपा से पहले जनसंघ के अच्छे शासन मॉडल की तारीफ की।
- Written By: सौरभ शर्मा
कर्नाटक के उडुपी में पीएम मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
PM Modi Udupi Visit: कर्नाटक के उडुपी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां श्री कृष्ण मठ में एक लाख भक्तों के साथ जब गीता के श्लोकों का पाठ किया, तो पूरा माहौल अलग ही अंदाज से भर गया। पीएम मोदी ने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं हर युग में प्रासंगिक हैं और यही राष्ट्रीय नीति का मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने कनक मंडप में महान संत कनकदास को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उडुपी आना उनके लिए हमेशा बेहद विशेष रहता है क्योंकि यहां से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान जनसंघ और भाजपा के सुशासन मॉडल की भी चर्चा की। उन्होंने पूर्व विधायक वीएस आचार्य के कार्यों को याद करते हुए बताया कि उडुपी ने पांच दशक पहले ही देश के सामने एक नया शासन मॉडल पेश कर दिया था। 1968 में यहां के लोगों ने जनसंघ पर भरोसा जताया था। आज जिस स्वच्छता अभियान, पानी की आपूर्ति और जल निकासी सिस्टम की बात हो रही है, उसे उडुपी ने 70 के दशक में ही अपना लिया था। उडुपी भाजपा के लिए कर्मभूमि रही है।
VIDEO | Udupi, Karnataka: PM Modi (@narendramodi) says, “Coming to Udupi is special for me for another reason. Udupi has been a karmabhoomi for the Jana Sangh and for the BJP’s model of good governance. In 1968, the people of Udupi elected our Jana Sangh leader VS Acharya to the… pic.twitter.com/y1st6rDrwq — Press Trust of India (@PTI_News) November 28, 2025
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राम मंदिर आंदोलन का गहरा रहस्य
पीएम मोदी ने एक बहुत बड़ी बात कही जिसे सुनकर सब भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में उडुपी की भूमिका को पूरा देश जानता है। यह तीर्थ स्वामीजी का मार्गदर्शन ही था, जिसके परिणामस्वरूप आज अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहरा रहा है। इतना ही नहीं, पीएम ने बताया कि राम मंदिर में उडुपी के श्री माधवाचार्य को समर्पित एक विशेष द्वार भी है। यह उत्तर और दक्षिण भारत की आध्यात्मिक एकता का एक अद्भुत उदाहरण है जो सदियों से चला आ रहा है।
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कनक खिड़की और द्वारका का नाता
पीएम मोदी ने कहा कि वह गुजरात से हैं और उडुपी का द्वारका से गहरा रिश्ता है। माना जाता है कि माता रुक्मिणी जिस मूर्ति की पूजा करती थीं, उसे ही जगद्गुरु मध्वाचार्य जी ने यहां स्थापित किया था। पीएम ने सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और उस पवित्र कनक खिड़की के लिए स्वर्ण कवच समर्पित किया, जहां से कनकदास जी ने भगवान के दर्शन किए थे। मठ के सुगुनेन्द्र तीर्थ स्वामीजी ने पीएम को रक्षा कवच और मोर पंख वाली पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। पीएम ने अंत में कहा कि गीता का संदेश ही महिला सुरक्षा, आरक्षण कानून और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का आधार है।
