लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी (सोर्स- संसद टीवी)
PM Modi in Lok Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनावपूर्ण हालात पर बयान देंगे। मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष का असर भारत पर भी पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री संसद में देश को ताजा स्थिति से अवगत कराएंगे और सरकार की रणनीति पर भी जानकारी दे सकते हैं।
इससे पहले ईरान-इजरायल युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट के बीच पीएम मोदी ने रविवार रात दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक के बाद सरकार का रुख साफ हो गया है—देश में तेल और गैस की आपूर्ति किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दी जाएगी। साथ ही पर्याप्त कोयला भंडार के कारण बिजली संकट की भी कोई आशंका नहीं है। सरकार ने घबराई जनता को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि वह न केवल अर्थव्यवस्था को स्थिर रखेगी, बल्कि महंगाई पर भी नियंत्रण बनाए रखने की पूरी कोशिश करेगी।
सीनियर मंत्रियों के साथ हुई बैठक में पेट्रोल, डीजल और गैस को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है। पिछले कुछ हफ्तों से मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण इनकी सप्लाई प्रभावित हुई है।
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने 11 अहम सेक्टरों कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यात, शिपिंग, व्यापार, वित्त और सप्लाई चेन—के लिए तीन-स्तरीय रणनीति तैयार करने का फैसला किया है।
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बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स जैसे उद्योगों के लिए आयात के वैकल्पिक स्रोत तलाशने पर जोर दिया गया। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भी वैकल्पिक देशों से आयात की योजना बनाई जा रही है। मोदी सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है, जिससे बिजली की कमी नहीं होगी।