

PM Modi High Level Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेवा तीर्थ' में भारत सरकार के सचिवों के साथ बातचीत की। यह बातचीत दो मुख्य विषयों पर केंद्रित थी। पहला विषय था 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' यानी कि कारोबार में आसानी और 'ईज ऑफ लिविंग' यानी कि जीवन यापन में आसानी के लिए नियमों में ढील और अन्य सुधार करना था। जबकि दूसरा विषय था 'आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना'।
बैठक के दौरान, संबंधित मंत्रालयों के विभागीय सचिवों ने इन दोनों विषयों पर अपने मंत्रालय और विभाग द्वारा उठाए गए कदमों पर जानकारी दी। साथ ही पीएम मोदी के विजन को नतीजों में बदलने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी बताया। इसके अलावा इसमें आने वाली चुनौतियों और गवर्नेंस से लेकर सर्विस डिलीवरी को बेहतर करने के लिए भविष्य की रणनीतियों की रूपरेखा भी पर विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में पीएम मोदी ने 'होल ऑफ गवर्नमेंट' यानी सरकार को एक इकाई के रूप में देखने वाला नजरिया अपनाना और विभिन्न विभागों के बीच की बाधाओं को तोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इंटीग्रेटेड प्लानिंग और तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बिठाने और सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने के लिए एक असरदार प्लेटफॉर्म के तौर पर 'पीएम गतिशक्ति' को बड़े स्तर पर इस्तेमाल को बढ़ावा दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों को सलाह दी कि वे लोगों के जीवन पर योजनाओं के पड़ने वाले असर पर ध्यान दें।
यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा रेलवे समेत कई मंत्रालयों में '52 सप्ताह में 52 सुधार' जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है, इसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने हमेशा तय समय-सीमा के भीतर परिणाम हासिल करने के महत्व पर जोर दिया है, जिससे समय-समय पर समीक्षा सरकार के कामकाज का एक अहम हिस्सा बन गई है।