हैदराबाद में बनेगा एयरक्राफ्ट का इंजन, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन; आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम
Hyderabad News: पीएम मोदी ने हैदराबाद में सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विस फैसिलिटी का उद्घाटन किया, जो भारत को ग्लोबल MRO हब बनाएगा। $1,300$ करोड़ के निवेश वाली यह सुविधा 1,000 रोजगार देगी।
- Written By: प्रिया सिंह
पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi inaugurates Safran engine facility in Hyderabad: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हैदराबाद में सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (SAESI) की एक नई, अत्याधुनिक सुविधा का वर्चुअली उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पीएम मोदी ने कहा कि यह नई एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भारत को विमानों के रखरखाव के लिए एक वैश्विक केंद्र (Global Hub) के रूप में स्थापित करेगी। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को एविएशन सेक्टर में बड़ी मजबूती प्रदान करेगी।
सफ्रान की नई इंजन सुविधा का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस महत्वपूर्ण सुविधा का उद्घाटन किया। यह पहली बार है जब किसी वैश्विक विमान इंजन निर्माता (Global Aircraft Engine Manufacturer) ने भारत में इतनी बड़ी एमआरओ सुविधा स्थापित की है, जो देश के विमानन उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है। यह सुविधा विशेष रूप से एलईएपी (LEAP) इंजन के लिए सफ्रान का समर्पित एमआरओ केंद्र है। यह इंजन एयरबस ए320एनईओ और बोइंग 737 एमएएक्स जैसे लोकप्रिय कमर्शियल एयरक्राफ्ट को पावर देते हैं।
ग्लोबल एमआरओ हब बनने की दिशा में कदम
एसएईएसआई (SAESI) सुविधा, जीएमआर एयरोस्पेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क-एसईजेड में 45,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है। इस प्रोजेक्ट को लगभग 1,300 करोड़ रुपए के शुरुआती निवेश से बनाया गया है। 2035 तक, जब यह पूरी तरह से चालू हो जाएगी, तब यह सुविधा सालाना 300 एलईएपी इंजनों की सर्विसिंग करने में सक्षम होगी। यह क्षमता भारत को दुनिया के सबसे बड़े एमआरओ केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
सम्बंधित ख़बरें
PM मोदी का राजस्थान दौरा टला! उद्घाटन से ठीक पहले पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग, मंत्रालय ने दी जानकारी
‘SPG से बनवाई झालमुड़ी, सब ड्रामा है’, CM ममता ने PM Modi पर साधा निशाना; केंद्रीय बल को लेकर भी कही बड़ी बात
उधमपुर बस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने की मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख मुआवजे की घोषणा
सरकार की नीयत में खोट, अखिलेश यादव ने आरक्षण बिल को बताया BJP का चुनावी स्टंट, PM मोदी से पूछे कड़े सवाल
रोजगार सृजन और स्वदेशीकरण
यह अत्याधुनिक केंद्र सीधे तौर पर 1,000 से अधिक उच्च-कुशल भारतीय इंजीनियरों और तकनीशियनों को रोजगार प्रदान करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह नया एमआरओ सेंटर विमानों के रखरखाव के लिए विदेशी सुविधाओं पर भारत की निर्भरता को कम करेगा, जिससे देश का विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह (outflow of foreign exchange) भी घटेगा। यह घरेलू विमानन सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा, जो उच्च-मूल्य वाले रोजगार पैदा करके भारत के एक प्रमुख वैश्विक विमानन केंद्र बनने के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा। यह कदम रक्षा और नागरिक उड्डयन दोनों क्षेत्रों के लिए स्वदेशी रखरखाव (indigenous maintenance) क्षमताओं को मजबूत करता है।
नीतिगत सुधारों का योगदान
भारत सरकार विमानन क्षेत्र की तेजी से हो रही वृद्धि के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए एक मजबूत एमआरओ इकोसिस्टम बनाने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। सरकार द्वारा हाल ही में किए गए नीतिगत कदमों ने इस प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- 2024 के जीएसटी सुधार: टैक्सेशन को सरल बनाया।
- एमआरओ गाइडलाइंस, 2021: संचालन के नियमों को आसान बनाया।
- नेशनल सिविल एविएशन पॉलिसी, 2016: रॉयल्टी का बोझ कम किया।
यह भी पढ़ें: जब तक किसी ब्राह्मण की बेटी मेरे बेटे…विवादित बयान देकर फंसे IAS संतोष वर्मा, अब उठाया ये बड़ा कदम
इन सुधारों ने भारत में एमआरओ सुविधाओं का संचालन करना कंपनियों के लिए आसान और अधिक आकर्षक बना दिया है, जिससे सफ्रान जैसी वैश्विक कंपनियों को यहां निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
