PM Modi आज देंगे 11,000 करोड़ की बड़ी सौगात, दो नए हाईवे से आसान होगा सफर, जुड़ेंगे कई बड़े शहर
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली-एनसीआर को बुनियादी ढांचे की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वह लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दो परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
PM Modi आज देंगे 11,000 करोड़ की बड़ी सौगात, फोटो- सोशल मीडिया
PM Modi highway inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज द्वारका एक्सप्रेसवे और शहरी विस्तार सड़क-2 (UER-2) के दिल्ली खंड का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम रविवार दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा जहां प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, ये दोनों परियोजनाएं पीएम मोदी के विश्वस्तरीय अवसंरचना और सुगम परिवहन व्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में एक और कदम हैं। इनसे राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में यातायात दबाव में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
क्या है खास UER-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे में?
UER-2 का दिल्ली खंड करीब 10.1 किलोमीटर लंबा है और इसे बनाने में लगभग 5,360 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह खंड यशोभूमि प्रदर्शनी केंद्र, दिल्ली मेट्रो की ब्लू और ऑरेंज लाइन, प्रस्तावित बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका बस डिपो से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
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इस प्रोजेक्ट में दो पैकेज शामिल हैं-
पहला: शिव मूर्ति इंटरसेक्शन से द्वारका सेक्टर-21 आरयूबी तक, जिसकी लंबाई 5.9 किमी है।
दूसरा: द्वारका सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक, जिसकी लंबाई 4.2 किमी है।
यह खंड अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) से सीधे जुड़ता है, जिससे बाहरी रिंग रोड को नई रफ्तार मिलेगी।
दूसरी ओर, द्वारका एक्सप्रेसवे का हरियाणा वाला हिस्सा पहले ही 11 मार्च 2024 को पीएम मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है। कुल 28 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर 8,611 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 19 किमी हिस्सा हरियाणा में और 9 किमी हिस्सा दिल्ली में आता है।
पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता
इस परियोजना की एक खास बात यह है कि इसके निर्माण में 20 लाख टन कचरे का पुन: उपयोग किया गया है, जो गाजीपुर लैंडफिल से निकाला गया था। इससे न केवल दिल्ली के कचरे के पहाड़ की ऊंचाई करीब 7 मीटर कम हुई है, बल्कि टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा मिला है।
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एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि वे टिकाऊ बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए राजमार्ग निर्माण में पुराने कचरे के जैव-खनन से प्राप्त निष्क्रिय सामग्रियों का उपयोग कर रहे हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि मिट्टी, गाद, पत्थर और निर्माण मलबा जैसी ये निष्क्रिय सामग्रियां स्थिर हैं और तटबंधों को भरने, सबग्रेड लेयरिंग और सर्विस रोड के लिए उपयुक्त हैं।
आईएएनएस इनपुट के साथ
