पीएम मोदी और इजराइल के पीएम। इमेज-सोशल मीडिया
PM Modi Israel Visit News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इजरायल की ऐतिहासिक धरती पर पहुंच रहे हैं। यह उनकी दूसरी राजकीय यात्रा है, जो न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। यह दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होती दोस्ती का एक सशक्त प्रतीक है। वहीं, इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने पीएम मोदी के लिए वेलकम पोस्ट लिखा है।
इस यात्रा का सबसे गौरवशाली क्षण तब होगा जब पीएम मोदी इजरायल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित करेंगे। यह सम्मान दुनिया के गिने-चुने कद्दावर नेताओं को ही दिया जाता है। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग के साथ मुलाकात और नेसेट में संबोधन यह दर्शाता है कि इजरायल के लिए भारत अब केवल एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक धुरी बन चुका है।
रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक दौरा करार दिया। उनके स्वागत में इजरायली राष्ट्रपति हर्जोग ने भी उत्साह जताते हुए कहा कि पूरा इजरायल मोदी के स्वागत के लिए उत्सुक है।
It is indeed a historic visit to Israel. I’m confident it will add new momentum to the bilateral friendship between our nations. https://t.co/3dZpsf4Tqt — Narendra Modi (@narendramodi) February 25, 2026
विदेश मामलों के जानकारों का मानना है कि यह दौरा न्यू वर्ल्ड मैट्रिक्स के दौर में हो रहा है। भारत और इजरायल अब केवल रक्षा सौदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी नजर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर है। पूर्व राजनयिक डेनियल कार्मोन के अनुसार भारत का हालिया दृष्टिकोण बहुत ही प्रगतिशील हुआ है। जैसे भारत ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ अपनी आर्थिक कूटनीति बढ़ाई है, वैसे ही इजरायल के साथ प्रस्तावित एफटीए दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दे सकता है।
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दो दिनों की इस गहन चर्चा में विज्ञान, नवाचार, जल प्रबंधन और कृषि जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ-साथ ‘पीपुल-टू-पीपुल’ यानी सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी मंथन होगा। यह यात्रा संदेश देती है कि भारत पश्चिम एशिया में एक संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति के साथ अपनी जगह मजबूत कर रहा है।