PM Modi और गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के कई मुख्यमंत्रियों ने Veer Savarkar जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि
Veer Savarkar Birth Anniversary: विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती पर पीएम मोदी समेत देशभर कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रसेवा, त्याग और साहस को याद किया।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
गृह मंत्री अमित शाह (सोर्स- सोशल मीडिया)
Veer Savarkar 143rd Birth Anniversary: आज विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती पर पीएम मोदी समेत देशभर के कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। और उनके राष्ट्रसेवा, त्याग और साहस को याद किया।
पीएम मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सावरकर का साहस और देशभक्ति हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उनकी बुद्धिमत्ता और सामाजिक सुधारों पर दिया गया उनका योगदान उल्लेखनीय है।
महान क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक वीर सावरकर जी को उनकी जयंती पर सादर नमन! वीरता और बौद्धिकता से भरा उनका व्यक्तित्व देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। अनन्तोद्भूतभूतौघसङ्कुले भूतलेऽखिले। शस्त्रे शास्त्रे त्रिचतुराश्चतुरा यदि मादृशाः।। pic.twitter.com/Z1SSU2lU5A — Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2026
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अमित शाह ने किया सोशल मीडिया पोस्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर, उन्हें कोटि-कोटि नमन। स्वतंत्रता संग्राम के निर्भीक योद्धा, वीर सावरकर ने अपना संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके जीवन और लेखन से राष्ट्र और उसकी विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा की सीख मिलती है। “हे मातृभूमि! जन्म से लेकर मृत्यु तक, मैं तुम्हारा ही हूँ”—उनके ये शब्द राष्ट्र के प्रति उनके असीम प्रेम को दर्शाते हैं। सावरकर का जीवन—जो अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रबल विरोध और देशवासियों को एकजुट करने के उनके प्रयासों से चिह्नित है—आने वाली पीढ़ियों तक हम सभी का मार्गदर्शन करता रहेगा।”
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर यांच्या जयंतीनिमित्त त्यांना कोटी-कोटी प्रणाम. स्वातंत्र्यसंग्रामातील निर्भय सेनानी वीर सावरकर यांनी मातृभूमीच्या सेवेसाठी आपले संपूर्ण आयुष्य समर्पित केले. देश आणि विचारधारेप्रती अटळ समर्पण कसे असावे, याची शिकवण त्यांच्या जीवनातून आणि… pic.twitter.com/507KwOsXm5 — Amit Shah (@AmitShah) May 28, 2026
अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने Veer Savarkar को ‘अखंड राष्ट्रनिष्ठा, अदम्य साहस और अप्रतिम त्याग का प्रतीक’ बताया और कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष और तेजस्वी चिंतन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि वह न केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि ओजस्वी वक्ता, कवि और दार्शनिक भी थे। सावरकर ने अनेक यातनाएं सहते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर सावरकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नाम के स्मरण मात्र से राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव की भावना जागृत होती है। सावरकर ने असहनीय यातनाएं झेलने के बाद भी स्वतंत्रता की लौ को बुझने नहीं दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सावरकर का त्याग, संघर्ष और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण देशवासियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सावरकर को स्वतंत्रता आंदोलन का अग्रिम सेनानी बताते हुए कहा कि कालापानी की कठोर सजा भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सावरकर का राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत जीवन और उनके विचार हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंग्रेजों की कठोर यातनाओं भी वीर सावरकर का स्वतंत्र भारत के संकल्प को कमजोर ना कर सकी। वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने वीर सावरकर की लेखनी को क्रांति-ज्वाला बताते हुए कहा कि उनके विचारों में राष्ट्र और हिंदुत्व के स्वाभिमान की स्पष्ट चेतना दिखाई देती थी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “वीर सावरकर का जीवन कठिन व असाधारण था। सावरकर ने औपनिवेशिक क्रूरता के सामने भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया।”
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के संकल्प और अखंड भारत की चेतना को समर्पित था। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीर सावरकर जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें कवि, समाज सुधारक और महान देशभक्त बताया।
82 वर्ष की उम्र में कहा था अलविदा
बता दें कि विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को हुआ था। वे भारतीय राजनीतिज्ञ और विचारक थे। वीर सावरकर ने 1922 में रत्नागिरी जेल में कैद के दौरान हिंदू राष्ट्रवादी राजनीतिक विचारधारा हिंदुत्व का विकास किया। वे हिंदू महासभा के प्रमुख नेताओं और विचारकों में शामिल थे। सावरकर का निधन 82 वर्ष की उम्र में 26 फरवरी 1966 को हुआ था।
