आधी रात भारत ने क्यों पाकिस्तान भेजी यमराज की बारात, CDS चौहान ने सुनाई ऑपरेशन सिंदूर की असली कहानी
Operation Sindoor: रांची में एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान, सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि आधी रात को भारतीय सेना ने दुश्मन देश के आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने का निश्चय क्यों किया...
- Written By: अभिषेक सिंह
सीडीएस अनिल चौहान (डिजाइन फोटो)
CDS Anil Chauhan: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया पर अभी भी चर्चा हो रही है। 7 मई से 10 मई के बीच चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को करारा झटका दिया। हमारी सेना ने आतंकवादी ठिकानों से लेकर हवाई अड्डों तक, सब कुछ पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
देश के पहले डिप्टी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सीडीएस अनिल चौहान ने आज रांची में एक खास खुलासा किया। उन्होंने इस रहस्य का खुलासा किया कि सेना ने 7 मई की आधी रात का समय क्यों चुना। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने उस रात की पूरी कहानी बताई, जो आपको रोमांचित कर देगी।
सेना ने क्यों चुना आधी रात का समय?
रांची में एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान, सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि 7 मई को, हमने रात 1:00 से 1:30 बजे के बीच चुने गए समय के आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने आधी रात में हमला करने की पीछे दो कारण बताए।
सम्बंधित ख़बरें
भारतीय सेना ने जीता दिल! जम्मू-कश्मीर के रामबन में नाले में गिरा ट्रक चालक, आर्मी ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
भूगोल या इतिहास… सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, ऑपरेशन सिंदूर की दिलाई याद
चीन की साजिश का पर्दाफाश! Operation Sindoor में दिया था पाकिस्तान का साथ, भारत के खिलाफ डर्टी गेम बेनकाब
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि होंगे देश के नए CDS, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में एक्सपर्ट ऑफिसर को नौसेना की कमान
मुश्किल के बावजूद तय किया टाइम
सीडीएस चौहान ने बताया कि हमने रात 1:30 बजे हमला क्यों किया? क्योंकि वह सबसे अंधकारमय समय होता है, और उपग्रह चित्र, तस्वीरें प्राप्त करना और सबूत इकट्ठा करना सबसे मुश्किल होता। फिर भी, हमने रात 1 से 1:30 बजे के बीच हमला किया।
नागरिकों को बचाना था हमारा लक्ष्य
उन्होंने आगे कहा, “सबसे पहले, हमें रात में भी तस्वीरें लेने की अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था। दूसरे, हम नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाना चाहते थे। हमला करने का सबसे अच्छा समय सुबह 5:30 से 6:00 बजे के बीच होता। जब दिन का उजाला शुरू होता है, लेकिन पहली अजान भी पढ़ी जा रही होती है। उस समय बहावलपुर और मुरीदके में काफ़ी हलचल हो सकती थी, इसलिए कई नागरिक मारे जा सकते थे।” हम इससे बचना चाहते थे, इसलिए हमने दोपहर 1:00 से 1:30 बजे के बीच का समय चुना।”
पाक को फिर मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोक दिया गया है, खत्म नहीं किया गया है। भारत के रक्षा मंत्री और कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने विभिन्न मंचों पर कहा है कि पाकिस्तान की किसी भी आगे की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: ‘भारत ने ठुकराया था अमेरिकी प्रस्ताव…’, ऑपरेशन सिंदूर पर PAK डिप्टी पीएम ने ही खोल दी ट्रंप की पोल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अक्सर भारत-पाक संघर्ष को रोकने का श्रेय लेते देखे जाते हैं। उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही दोनों देशों के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता की थी। भारत ने इस तरह के दावों का खंडन किया है।
इशाक डार ने खोल दी ट्रंप की पोल
खुद प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश ने मध्यस्थता नहीं की। कल, एक पाकिस्तानी मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने के लिए किसी तीसरे देश ने हस्तक्षेप नहीं किया।
