13 जेट्स ढेर, 11 एयरफील्ड हुए ध्वस्त; ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का बड़ा खुलासा, जानें पाक ने कैसे टेके थे घुटने
Operation Sindoor को एक साल पूरा होने पर भारतीय सेना ने बताया है कि भारत ने पाक के 13 लड़ाकू जहाजों और 11 हवाई अड्डों को तबाह करके आतंकवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ी और निर्णायक जीत हासिल की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
भारतीय सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, फोटो (सो सोशल मीडिया)
Operation Sindoor Anniversary: पिछले साल 7 मई 2025 को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम का एक बड़ा मिशन चलाया था। जिसकी आज पहली सालगिरह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पड़ोसी देश पाकिस्तान को हुए भारी नुकसान का आधिकारिक ब्यौरा पेश किया है।
सैन्य अफसरों ने साफ कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ आतंकी अड्डों को खत्म करना ही नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को यह चेतावनी देना भी था कि अगर उसने भारत की सीमाओं या सुरक्षा के साथ कोई छेड़छाड़ की, तो भारत अब उसे बिल्कुल भी सहन नहीं करेगा।
कितनी मची तबाही?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल ए.के. भारती ने पाकिस्तान के दावों की हवा निकालते हुए सारे तथ्य रखे। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड्स को निशाना बनाया। इसके अलावा, पाकिस्तान के 13 लड़ाकू विमान पूरी तरह तबाह कर दिए गए। साथ ही, भारतीय सेना ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए 300 किलोमीटर की दूरी से सटीक निशाना लगाकर दुश्मन को ढेर किया। यह कामयाबी दिखाती है कि भारत की मिसाइल तकनीक आज कितनी आधुनिक और अचूक हो चुकी है।
सम्बंधित ख़बरें
वो बेवकूफ है जो… भारत से एटमी जंग की आशंका पर क्या बोला पाकिस्तान? ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर छिड़ी जुबानी जंग
Khalistani Gangs पर बड़ी कार्रवाई! कनाडा में एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़, वांटेड अपराधियों की लिस्टी जारी
Canada Permit Drop: कनाडा में छात्रों के स्टडी परमिट में कमी, 2025 में कोविड से भी नीचे आया आंकड़ा
JPMorgan Sex Scandal: जेपी मॉर्गन केस में पूर्व बैंकर चिरायु राणा ने लगाए महिला अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप
आतंक के गढ़ों पर प्रहार
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने जानकारी दी कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और पीओके के भीतर स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘सरप्राइज एलिमेंट’ और सटीकता थी। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस और आकाश जैसी स्वदेशी हथियार प्रणालियों ने निर्णायक भूमिका निभाई। भारत ने यह साबित कर दिया कि वह बहुत कम समय में जटिल बहु-आयामी अभियानों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में सक्षम है।
जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्चपैड है, जिस पर भारतीय सेना ने हमले किए
‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ का असर अब भी कायम है। इसका मतलब यह है कि सेना ने इस मिशन से मिली सीख के बाद अपने काम करने के तरीके और सैनिकों की तैनाती में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर आगे कभी फिर से बड़े सैन्य हमले की जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना उसके लिए पूरी तरह तैयार है। आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत का यह अभियान लगातार चलता रहेगा।
पाकिस्तान के झूठ पर सेना का खुलासा
सैन्य अधिकारियों ने पाकिस्तान के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें उसने अपनी जीत की बात कही थी। सेना ने सच बताते हुए कहा कि जब ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के हालात हाथ से निकल गए, तो वहां के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) को मजबूरन भारतीय अधिकारी को फोन करना पड़ा और लड़ाई रोकने की विनती करनी पड़ी।
यह भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बदली प्रोफाइल फोटो, ‘एक्स’ पर तिरंगे के साथ दिखा खास लोगो
भारतीय नौसेना के एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने आने वाली चुनौतियों पर कहा कि सेना की कार्रवाई हमेशा अचानक और ‘सरप्राइज’ देने वाली होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आदेश मिलते ही नौसेना दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बात से यह साफ हो गया है कि भारत अब केवल अपना बचाव करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आगे बढ़कर और पहले से तैयारी करके दुश्मन को जवाब देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
