

PM Modi New DP Operation Sindoor: भारतीय सेना द्वारा साल 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी डीपी बदल दी है। पीएम के प्रोफाइल की नई डिस्प्ले में ऑपरेशन सिंदूर के आधिकारिक लोगो के साथ भारतीय तिरंगे को प्रमुखता से दिखाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल होने पर पीएम मोदी ने 'एक्स' अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए एक पोस्ट भी किया।
पोस्ट में उन्होंने लिखा, ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है। आगे उन्होंने संस्कृत में लिखा, उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत। यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।
पिछले साल अप्रैल महीने में पहलगाम में हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले में 26 निर्दोश लोगों की जान चली गई थी। आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा फिर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए। 7 मई, 2025 को जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई आतंकी लॉन्च पैड्स और मुख्यालयों को ध्वस्त कर दिया। भारतीय सेना ने अत्यधिक समन्वित तरीके से सटीक हमला किया। हमले में पाकिस्तान के एयरफोर्स स्टेशन को निशाना बनाया गया। इससे पाकिस्तान हवाई हमले में असमर्थ हो गया। साथ ही रडार सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया गया। भारतीय सेना की प्रभावी कार्रवाई ने मात्र 88 घंटों पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया।
भारतीय सेना की कार्रवाई 6-7 मई की मध्यरात्रि को शुरू हुई। भारतीय वायुसेना ने महज 23 मिनट में ही पाकिस्तान-पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसमें करीब 100 आतंकी मारे गए हैं। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में गुजरात के कच्छ इलाके में 1,000 ड्रोन्स से हमले करने का प्रयास किया, जिसे भारतीय सेना ने रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर के साथ-साथ भारत ने पाकिस्तान पर सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक तरीकों से दबाव बनाया। पाकिस्तान पर आक्रामक नीति अपनाते हुए भारत ने साफ संदेश दिया कि अब सीमापार आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा। हर एक आतंकी घटना के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी सुनिश्चित किया कि भारत अब किसी भी प्रकार से परमाणु ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं किया जाएगा।