- Hindi News »
- India »
- Om Birla Lok Sabha No Confidence Motion Defeated Speech Updates
‘सदन से ऊपर न PM हैं, न नेता प्रतिपक्ष’: अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद ओम बिरला का ‘विपक्ष’ को दो टूक जवाब
Om Birla Speech: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया है, जिसके बाद उन्होंने सदन की गरिमा और नियमों की सर्वोपरिता पर अपनी बात रखी।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय

ओम बिरला, सोर्स- सोशल मीडिया)
Om Birla No Confidence Motion: भारतीय संसद के इतिहास में करीब चार दशकों के बाद एक ऐसा अवसर आया जब लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। बुधवार को भारी हंगामे के बीच विपक्ष का यह प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान खुद को सदन की कार्यवाही से दूर रखने वाले अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को वापस आसन संभाला और पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। उनके संबोधन ने न केवल विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ‘नियम’ किसी भी व्यक्ति के पद से बड़े होते हैं।
अविश्वास प्रस्ताव का गिरना और ओम बिरला की ‘नैतिक’ जीत
लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए करीब 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से यह अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी दलों का मुख्य आरोप था कि ओम बिरला का व्यवहार “पक्षपातपूर्ण” रहा है और वे सदन में निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहे हैं। हालांकि, दो दिनों तक चली तीखी बहस के बाद जब बुधवार को मतदान की बारी आई, तो पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल के नेतृत्व में हुए ध्वनि मत में यह प्रस्ताव गिर गया। प्रस्ताव गिरने के बाद सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
दक्षिण भारत को कमजोर कर रहे मोदी! तमिलनाडु में राहुल ने सरकार पर बोला हमला, कहा- ट्रंप कहेंगे कूदो तो PM…
राहुल गांधी पर नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश पर लिया यू-टर्न; जानें दोहरी नागरिकता का पूरा मामला
बेटे का मोह पड़ा भारी! JDU सांसद गिरिधारी यादव की कुर्सी पर संकट; ओम बिरला ने इस वजह से थमाया नोटिस
महिला आरक्षण बिल का विरोध कर बुरा फंसा विपक्ष, अब BJP सड़कों पर उठाएगी यह मुद्दा; जानें आगे की पूरी रणनीति
‘नियमों की विरासत’: न प्रधानमंत्री बड़े, न नेता प्रतिपक्ष
गुरुवार को सदन को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने अत्यंत कड़े शब्दों में कहा कि कुछ सदस्यों को लगता है कि नेता प्रतिपक्ष (LoP) सदन से ऊपर हैं और वे किसी भी विषय पर बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा कोई विशेषाधिकार किसी को प्राप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “चाहे प्रधानमंत्री हों, मंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या अन्य सदस्य, सभी को नियमों के अनुसार ही बोलने का अधिकार है।” बिरला ने जोर देकर कहा कि ये नियम स्वयं इसी सदन ने बनाए हैं और उन्हें यह व्यवस्था विरासत में मिली है, जिसे बनाए रखना उनका संवैधानिक दायित्व है।
सदन में ‘नफरत’ और ‘निष्पक्षता’ की जंग
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतंत्र की नींव पर सवाल उठाना है। उन्होंने ओम बिरला की सराहना करते हुए कहा कि नैतिकता का पाठ उन्हें न पढ़ाया जाए, क्योंकि बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान खुद को कुर्सी से दूर रखकर एक उच्च मानक स्थापित किया, जबकि कांग्रेस के समय में स्पीकर खुद सदन में बैठते थे।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ‘सदन में बोलने नहीं दिया जाता’। उन्होंने तर्क दिया कि यह सदन भारत के लोगों की अभिव्यक्ति है और जब भी वे बोलते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है या उन्हें रोक दिया जाता है। राहुल ने यहाँ तक कहा कि लोकसभा के इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका गया है। इन आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने आंकड़े पेश किए और कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 18वीं लोकसभा में 157 घंटे से अधिक बोला है, फिर यह कहना कि उन्हें मौका नहीं मिला, केवल सदन को बदनाम करने का प्रयास है।
यह भी पढ़ें: 6 साल बाद जेल से बाहर आएगा अलगाववादी नेता शब्बीर शाह, सुप्रीम कोर्ट का ‘ट्रायल’ पर बड़ा प्रहार
ओम बिरला क्या बोले?
ओम बिरला ने अपने संबोधन में उन सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा यह प्रयास रहा है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन और संतुलन के साथ चले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई सांसद मर्यादा भंग करता है, तभी वे कठोर कदम उठाते हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को बराबर बोलने का मौका दिया है। उनके अनुसार, यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, बल्कि 140 करोड़ जनता का है और वे पूरी निष्ठा व संवैधानिक मर्यादा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
Om birla lok sabha no confidence motion defeated speech updates
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया पर बनने जा रहा है शुभ संयोग, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे धन के भंडार!
Apr 19, 2026 | 12:05 AMहैदराबाद के ‘नवाबों’ ने चेन्नई को 10 रन से चटाई धूल, अभिषेक-क्लासेन के तूफान के बाद नितिश-ईशान का घातक वार
Apr 18, 2026 | 11:38 PMLemon Water: हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं नींबू पानी, इन लोगों को रहना चाहिए दूर
Apr 18, 2026 | 10:56 PMनागपुर के सरकारी स्कूल में चल रहा था खौफनाक खेल! आधी रात पुलिस की रेड, कसाइयों के चंगुल से छुड़ाए गए 11 गौवंश
Apr 18, 2026 | 10:50 PMगर्भवती महिला से बदसलूकी करने वाला राहुल, अब बिस्तर से उठने लायक भी नहीं बचा, राजस्थान पुलिस ने किया इलाज
Apr 18, 2026 | 10:48 PMASP अनुज चौधरी का ‘स्वैग’ या नियमों का मखौल? रील बनाने वाले ‘हीरो’ अफसर की गाड़ी में मिलीं 3 बड़ी कमियां
Apr 18, 2026 | 10:42 PMअकोला में चोरों का तांडव: एक ही रात 3 अपार्टमेंट्स के फ्लैट में लाखों की चोरी, खदान थाना क्षेत्र में सनसनी
Apr 18, 2026 | 10:35 PMवीडियो गैलरी

UP News: 10 हजार रुपये जमा फिर भी 4 हजार बकाया? बिजली बिल के खेल में फंसा आम आदमी
Apr 18, 2026 | 10:32 PM
शर्मनाक! हाथ में सिगरेट, टेबल पर शराब और मास्टर जी जांच रहे बोर्ड की कॉपियां; देखिए VIDEO
Apr 18, 2026 | 10:17 PM
अखिलेश यादव की तारीफ पड़ी भारी? जिस दुकान पर पी थी चाय, वहां ताला लटकाने पहुंची प्रशासन की टीम
Apr 18, 2026 | 10:08 PM
सिर्फ 2 रसगुल्ले खाने पर इतनी बड़ी सजा, ठेकेदार ने बच्चे को डीजल डालकर लगा दी आग, वारदात जान खून खौल उठेगा!
Apr 18, 2026 | 09:58 PM
पटना में SVU ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर किया रेड, आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप
Apr 18, 2026 | 02:11 PM
2026 या पत्थर युग? बड़वानी में झोली में बंधकर अस्पताल पहुंचा बीमार बच्चा, विकास के दावों की निकली हवा
Apr 17, 2026 | 10:44 PM














