ओडिशा के शिक्षण संस्थानों में महिला सुरक्षा पर कदम, हेल्पलाइन नंबर के निर्देश
Odisha Government on Women Helpline: ओडिशा के बालासोर में घटित घटना के बाद से अब सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों को परिसर के अंदर महिला हेल्पलाइन नंबरो को प्रमुखता से दर्शाने के निर्देश दिए है।
- Written By: सौरभ शर्मा
ओडिशा के सीएम मोहन चरण मांझी (फोटो- सोशल मीडिया)
Odisha Government: ओडिशा में बालासोर के एक कॉलेज में यौन उत्पीड़न के बाद एक छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की घटना के मद्देनजर, राज्य सरकार ने शुक्रवार को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए परिसर में महिला हेल्पलाइन नंबर-181 को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और निजी कॉलेजों के पंजीयकों और प्रमुखों को लिखे पत्र में सरकार ने निर्देश दिया कि सभी के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।
इसके अलावा, उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 और इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और इससे संबंधित जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करने का भी निर्देश दिया है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के सभी छात्र, शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के सदस्य भाग लेंगे।
लड़कियों को स्कूल में सुरक्षित माहौल देना उद्देश्य
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कार्यशाला का विवरण अगले तीन दिन के भीतर उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दिया जाएगा। राज्य के स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने भी बृहस्पतिवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को महिला कर्मचारियों और विद्यार्थियों, विशेष रूप से लड़कियों के लिए स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह का निर्देश जारी किया था।
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बता दें अभी बीते दिनों उड़ीसा के बालासोर जिले के कॉलेज में एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी जिस पर कोई कार्रवाई न होने पर उस छात्रा के द्वारा उसी कॉलेज के अंदर आत्मदाह कर लिया गया था, घटना के बाद से छात्रा को पहले नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया फिर उसे एम्स में रेफर किया गया था, लेकिन फिर भी उस छात्रा को नहीं बचाया जा सका। इस मामले पर राज्य में खूब विरोध प्रदर्शन हुए और मीडिया में भी यह मामला खूब गरमाया रहा था।
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अब ओडिशा सरकार के द्वारा उठाया गया यह कदम एक तरह से इस बात की ओर संकेत भी दे सकता है कि किस तरह से सरकार ने अब कॉलेजों में हो रही उत्पीड़न की शिकायतों के ऊपर एक सर्वोपरि मॉनिटरिंग करने का काम किया है।
(ऐजेंसी इनपुट के साथ)
