पेपर लीक नहीं हुआ था, केवल कुछ प्रश्न…, NTA चीफ का इनकार तो शिक्षा मंत्री का इकरार, नीट पर घमासान क्यों?
NTA Chief Statement on Paper Leak: नीट परीक्षा विवाद में एनटीए प्रमुख ने पूर्ण पेपर लीक से इनकार किया है, जबकि शिक्षा मंत्री ने सुरक्षा में चूक मानी है। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन होगा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
NEET UG 2026 Paper Leak: भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 को लेकर इन दिनों पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। इस पूरे विवाद में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
एक तरफ सरकार की सर्वोच्च जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर सिस्टम के बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जानिए इस मामले में अब नया अपडेट क्या है।
एनटीए प्रमुख अभिषेक सिंह ने क्या कहा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के प्रमुख अभिषेक सिंह ने हाल ही में संसदीय समिति के सामने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने साफ तौर पर ‘पूर्ण पेपर लीक’ की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। एनटीए अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान कुछ जगहों पर गड़बड़ी और अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामले जरूर सामने आए हैं, लेकिन इसे पूरा पेपर लीक नहीं कहा जा सकता।
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उनके अनुसार, केवल ‘कुछ ही सवाल’ बाहर आए थे, जिसे आधार बनाकर पूरी परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना सही नहीं है। एजेंसी ने संसदीय पैनल को बताया कि उन्होंने ‘जीरो-टोलरेंस’ नीति का पालन करते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि मामूली सेंध भी सिस्टम के भरोसे को तोड़ सकती है।
शिक्षा मंत्री और एनटीए चीफ के विरोधाभासी बयान
एक तरफ जहां एनटीए चीफ इसे एक सीमित गड़बड़ी बता रहे हैं वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का रुख इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है। मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि परीक्षा के ‘कमांड चैन’ में गंभीर चूक हुई है और सरकार इसकी पूरी जिम्मेदारी लेती है।
उन्होंने इसे ‘शिक्षा माफिया’ और धोखाधड़ी करने वालों के एक संगठित नेटवर्क का काम बताया है। मंत्री और एजेंसी के प्रमुख के बयानों में यह अंतर छात्रों के मन में कई अनसुलझे सवाल खड़ा कर रहा है। एक तरफ सिस्टम अपनी गलतियों को सुधारने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी अब भी ‘पेपर लीक’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बच रहे हैं।
पेपर माफिया के खिलाफ कसा जा रहा शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है। सीबीआई की जांच में अब तक कई राज्यों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें कई बिचौलियों, शिक्षकों और परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है। कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं और जांच की सुई उन लोगों की तरफ घूम रही है जिन्होंने मोटी रकम लेकर परीक्षा के पवित्र धागे को तोड़ने की कोशिश की।
शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि जांच में एनटीए के किसी भी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि वे इस सिस्टम को पूरी तरह ‘लीकप्रूफ’ बनाने के लिए इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की समिति की सिफारिशों को कड़ाई से लागू करने पर काम कर रहे हैं।
जून में होने वाली परीक्षा के लिए नई गाइडलाइंस
इन तमाम विवादों के बीच, उन लाखों छात्रों के लिए एक राहत भरी और चुनौतीपूर्ण खबर यह है कि अब नीट-यूजी 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने घोषणा की है कि यह ‘री-नीट’ 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
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छात्रों को सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि उन्हें इस परीक्षा के लिए दोबारा पंजीकरण कराने या कोई अतिरिक्त फीस भरने की जरूरत नहीं है। पुराने रजिस्ट्रेशन ही मान्य होंगे और जल्द ही नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने वादा किया है कि इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम और निगरानी तंत्र तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
