नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी चिंता, चलते-चलते बंद हो रहे वाहन; BMS से छेड़छाड़ की आशंका
E-Rickshaw BMS Issue: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चलते-चलते ई-रिक्शा बंद होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। चालक BMS से छेड़छाड़ की आशंका जता रहे हैं और मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
- Written By: अनन्या तिवारी
सांकेतिक फोटो, AI डिजाइन
E-rickshaw Shutting Down While Driving: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ई-रिक्शा चलाने वाले हजारों ड्राइवर इन दिनों एक नई परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई चालकों का दावा है कि उनके ई-रिक्शा बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक सड़क पर चलते-चलते बंद हो जाते हैं। उनका आरोप है कि कुछ शरारती तत्व मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ की मदद से बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाकर बैटरी को रिमोट तरीके से स्विच ऑफ कर देते हैं। हालांकि, अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अचानक बंद हो रहे ई-रिक्शा, बढ़ी चालकों की मुश्किल
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि कई बार वाहन पूरी तरह ठीक होने के बावजूद अचानक रुक जाता है। बैटरी, मोटर और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच कराने पर भी कोई खराबी नहीं मिलती। इससे उन्हें घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ता है। कई मामलों में यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ता है, जिससे ड्राइवरों की कमाई पर भी असर पड़ रहा है।
चालकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं गौतमबुद्ध नगर जिले के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हजारों ई-रिक्शा चालकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और सड़क सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
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मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ के जरिए छेड़छाड़ की आशंका
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, कई आधुनिक ई-रिक्शा में Battery Management System (BMS) या कंट्रोलर को मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ के जरिए मॉनिटर करने की सुविधा होती है। यदि इस सिस्टम की सुरक्षा मजबूत नहीं है या किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी पहुंच मिल जाती है, तो सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है।
कुछ मामलों में ‘BAT-BMS’ नाम के मोबाइल ऐप का भी जिक्र सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के सिस्टम से कनेक्ट हो जाए तो वह बैटरी को रिमोट तरीके से स्विच ऑफ कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या निर्माता कंपनी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया के वायरल वीडियो में यह ‘टीर्री (Tirri) प्रैंक’ के नाम से भी जाना जा रहा है। सोशल मीडिया के वायरल वीडियो में कुछ युवक अपने फोन को आगे वाले ई-रिक्शा से कनेक्ट करके उसे स्विच ऑफ करते नजर आ रहे है, जिससे वह ई-रिक्शा एकदम से बंद होता दिखाई दे रहा है। असल में दावा है कि यह एक चायनीस एप है, जिसे असल में बैटरी मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया था। इस एप को बैटरी का टेम्परेचर, वोल्टेज, परफारमेंस। पर कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे है।
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निर्माता कंपनियों से सुरक्षा बढ़ाने की मांग
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन और निर्माता कंपनियों से बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर ई-रिक्शा में पासवर्ड, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी और सुरक्षित ब्लूटूथ एक्सेस जैसी सुविधाएं अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति वाहन के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंच न बना सके।
पुलिस बोली शिकायत मिलने पर होगी जांच
इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने कहा कि अभी तक इस तरह की किसी घटना की आधिकारिक शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर वाहन के सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की सलाह
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा मालिकों को केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही सॉफ्टवेयर अपडेट कराना चाहिए। साथ ही, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। यदि वाहन में बार-बार ऐसी समस्या आती है तो इसकी सूचना संबंधित कंपनी और पुलिस को देना जरूरी है, ताकि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच की जा सके।
