एनआईए फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Illegal Bangladeshi Migrants News In Hindi: भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ की जांच की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज की गई शुरुआती FIR के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच NIA द्वारा की जाएगी।
इस मामले की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अवैध घुसपैठ को लेकर एक गंभीर मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि यह केवल कुछ लोगों के अवैध प्रवेश का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। पुलिस ने अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर आरोप है कि वे न केवल सीमा पार से अवैध रूप से लोगों को भारत लाते थे बल्कि उन्हें यहां बसाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड भी मुहैया कराते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क मुख्य रूप से भारत के सीमावर्ती राज्यों से संचालित हो रहा है। इसी नेटवर्क के जरिए घुसपैठियों को देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में फैलाया जा रहा था।
अब जब मामला NIA के पास पहुंच गया है तो एजेंसी न केवल घुसपैठ की जांच करेगी, बल्कि इसके मनी ट्रेल और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को भी खंगालेगी। सूत्रों के अनुसार, NIA इस मामले में एक नई FIR दर्ज कर सकती है ताकि पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस नेटवर्क को फंड कहां से मिल रहा है और क्या इसमें कोई विदेशी ताकतें भी शामिल हैं।
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गृह मंत्रालय के कड़े निर्देशों के बाद अवैध प्रवासियों की पहचान का अभियान तेज कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दिल्ली से लगभग 2200 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बहुत अधिक है; उदाहरण के तौर पर 2004 में केवल 14 और 2008 में महज 5 बांग्लादेशियों को वापस भेजा गया था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश घुसपैठिए पश्चिम बंगाल बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। अब NIA की एंट्री से इस अवैध कॉरिडोर पर लगाम लगने की उम्मीद है।