आंध्र प्रदेश ब्लास्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, दूसरे आरोपी शेख मंसूर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Andhra Pradesh NIA Chargesheet, Newsआंध्र प्रदेश विस्फोटक मामले में NIA ने दूसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने आतंकी साजिश और विस्फोटक सप्लाई में भूमिका का आरोप लगाया।
NIA takes major action in Andhra Pradesh blast case, files charge sheet against second accused Sheikh Mansoor
राष्ट्रीय जांच एजेंसी सांकेतिक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Andhra Pradesh Explosives Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 2025 के चर्चित आंध्र प्रदेश विस्फोटक मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए दूसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने विजयवाड़ा स्थित विशेष NIA अदालत में दाखिल चार्जशीट में शेख मंसूर उर्फ मोहम्मद अली उर्फ विजयकुमार को गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम यूए(पी) एक्ट 1967 और भारतीय न्याय संहिता (BNS)2023 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया है।

जांच के अनुसार, वह पहले से चार्जशीट आरोपी शेख अमानुल्ला का करीबी सहयोगी था और कथित आतंकी साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। NIA का दावा है कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र के सहारे रह रहा था और विस्फोटकों की सप्लाई से लेकर साजिश को आगे बढ़ाने में शामिल था। मामले में अब तक 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच अभी भी जारी है

3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

मोहम्मद अली पहली चार्जशीट में शामिल किए गए आरोपी शेख अमानुल्ला उर्फ ​​अबू बकर सिद्दीक का करीबी सहयोगी और साजिश में शामिल साथी था। उसे इस मामले में दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि इस मामले में अब तक शेख अमानुल्ला समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विस्फोटक बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई

एनआईए ने फरवरी 2026 में शेख अमानुल्ला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शेख अमानुल्ला के घर से विस्फोटक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। गिरफ्तारी के समय मोहम्मद अली 1999 के बम विस्फोट मामले में तमिलनाडु से फरार होने के बाद फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वह आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के रायचोटी शहर में शेख मंसूर के फर्जी नाम से रह रहा था और इसके लिए उसने धोखाधड़ी से हासिल किए गए सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था।

बम बनाने की ट्रेनिंग देने का आरोप

एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, शेख अमानुल्ला ने मोहम्मद अली को कट्टरपंथी बनाया था, उसे भर्ती किया था और बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी। मोहम्मद अली ने रायचोटी में एक ठिकाने तक विस्फोटक पहुंचाने में अमानुल्ला की मदद की थी।

टारगेटेड किलिंग की साजिश का खुलासा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच से पता चला है कि दोनों लोगों ने आम लोगों के बीच दहशत फैलाने और भारत में शरिया कानून लागू करने के अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक खास समुदाय के नेताओं की टारगेटेड किलिंग की साजिश रची थी। इसी को लेकर एनआईए ने यह मामला आंध्र प्रदेश पुलिस से अपने हाथ में लिया था। वहीं, एनआईए की ओर से इस मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जांच जारी है।

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