NEET Paper Leak पर बड़ा एक्शन! 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, आरोपियों पर होगी रोज सुनवाई
NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार बड़ा एक्शन लेते हुए 4 राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी कर रही है, जहां आरोपियों के मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।
- Written By: प्रिया जैस
पीएम नरेंद्र मोदी (सौजन्य-IANS)
NEET Paper Leak Fast Track Court: NEET पेपर लीक मामले के मद्देनजर केंद्र सरकार नए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024 के तहत कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ रोजाना सुनवाई करने के लिए चार राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया था। पीएम मोदी के घोषणा करते ही केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 4 राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट चलाया जाएगा, जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।
संबंधित राज्यों से किया जाएगा अनुरोध
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस मामले में संबंधित राज्यों की सरकारों और हाई कोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने का निवेदन करेगी। यह खास पेपर लीक मामलों की सुनवाई करेगी। मामले में जांच और ट्रायल में देरी न हो और फैसला जल्दी आ सकें, इसके लिए रोज सुनवाई की जाएगी।
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पीएम मोदी ने की थी घोषणा
आपको जानकारी दें, कि गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बढ़ रहे छात्र आंदोलन को देखते हुए सोशल मीडिया पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “हमारे युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का ही एक हिस्सा है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
Nothing is more important than the welfare and future of our youth! We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this… — Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
पब्लिक एग्जामिनेशन कानून क्या है?
पब्लिक एग्जामिनेशन कानून 21 जून, 2024 से भारत में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के गलत इस्तेमाल और दूसरी गलत गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। दोषी पाए जाने वालों के लिए इस कानून में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
यह कानून नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित सभी एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC), स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), IBPS और केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं पर भी लागू होता है। चूंकि NTA NEET परीक्षा भी आयोजित करती है, इसलिए इससे जुड़े पेपर लीक या दूसरी गड़बड़ियों के मामलों से भी इसी कानून के तहत निपटा जाएगा।
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इन 4 राज्यों में FIR दर्ज
सूत्रों के अनुसार, नीट पेपर लीक मामले में इस कानून के तहत अब तक 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
सरकार का कहना है कि स्पेशल कोर्ट बनने से न केवल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में तेजी आएगी। साथ ही सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर भी जनता में एक कड़ा संदेश जाएगा। साथ ही, इससे भविष्य में पेपर लीक और संगठित नकल जैसे अपराधों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने में मदद मिलेगी।
