इधर विपक्ष मांग रहा इस्तीफा, उधर धर्मेंद्र प्रधान ने कर दिया बड़ा ऐलान! जानें क्यों 29 जुलाई को बताया बेहद खास

Dharmendra Pradhan NEP: NEET पेपर लीक को लेकर इस्तीफे की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नई योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
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धर्मेंद्र प्रधान (सौजन्य-IANS)
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Dharmendra Pradhan DoSEL Meeting: दिल्ली में एक ओर तो नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जा रहा है। दूसरी ओर वे शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की बैठकों में शामिल होकर देश भर के शिक्षा मंत्रियों को संबोधित कर रहे है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को DoSEL योजनाओं पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक के दौरान धर्मेंद्र प्रधान में नई शिक्षा योजना लाने का ऐलान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 29 जुलाई को अहम दिन बताया, क्योंकि 29 जुलाई 2020 को एनईपी की नींव रखी गई थी। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "29 जुलाई हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के छह साल पूरे होने का दिन है। यह नीति के लागू होने की छठी वर्षगांठ होगी और हम इसके सातवें वर्ष में प्रवेश करेंगे।"

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों को किया संबोधित

शिक्षा क्षेत्र में नई योजना लाने की तैयारी

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया था कि हमें आने वाले दिनों के लिए योजना बनानी चाहिए और समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करने की गति को और तेज करना चाहिए। हमें अटल टिंकरिंग लैब्स जैसी पहलों का भी विस्तार करने की आवश्यकता है। इस पृष्ठभूमि में, शिक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यह दो दिवसीय बैठक बहुत महत्वपूर्ण है। आज लगभग सात मंत्रियों ने अपने विचार रखे, जबकि शेष मंत्री कल अपने विचार रखेंगे।"

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "समग्र शिक्षा, पीएम पोषण और पीएम श्री जैसी योजनाओं की योजना केंद्र प्रायोजित योजना ढांचे के तहत बनाई जा रही है। इन सभी पहलों का आधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 है। इनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, हमारी कार्यप्रणाली यह रही है कि केंद्र आपके सहयोग और परामर्श से योजनाएं तैयार करता है।"

इस्तीफे को मांग तेज

आपको जानकारी दें, कि संसद में मानसून सत्र चल रहा है। इस समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है और उनके इस्तीफा की व्यापक रूप से मांग कर रहे है। देश भर में युवाओं के साथ सोनम वांगचुक भी उनके खिलाफ आंदोलन कर रहे है।

इस बीच अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार के मंसूबे पर संदेह गहराता जा रहा है। एक ओर उन्हें मंत्री पद से हटाने की बातें हो रही है और दूसरी ओर वे बेधड़क अपना काम कर रहे है। अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सरकार इस्तीफे की मांग को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं ले रही है। क्या युवाओं का आंदोलन व्यर्थ जाने वाला है? यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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