NEET Paper Leak: पुणे से गिरफ्तार हुई फिजिक्स के क्वेश्चन लीक करने वाली मास्टरमाइंड, CBI ने खोली पोल
NEET Paper Leak मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई! पुणे से मनीषा हवालदार गिरफ्तार, फिजिक्स के क्वेश्चन लीक करने का गंभीर आरोप। जानिए कैसे डिजिटल सबूतों ने खोला पेपर माफिया का काला सच।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
CBI Action In NEET Scam: देश भर में हड़कंप मचाने वाले NEET Paper Leak कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक और बड़ा धमाका किया है। इस बार जांच की सुइयां सीधे परीक्षा की फिजिक्स के क्वेश्चन लीक से जुड़ी एक महिला पर जाकर रुकी हैं। पुणे से CBI द्वारा की गई इस ताज़ा कार्रवाई ने मामले को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
कौन है यह मनीषा?
पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला की कर्मचारी मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है, जो NTA द्वारा इस परीक्षा के लिए फिजिक्स विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त की गई थी। जांच में खुलासा हुआ है कि मनीषा हवलदार को फिजिक्स के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच हासिल थी, जिसका उसने दुरुपयोग करते हुए अप्रैल 2026 में परीक्षा से जुड़े संवेदनशील सवाल सह-आरोपी मनीषा मंधारे (जिसे 16 मई को गिरफ्तार किया गया था) के साथ साझा किए थे। इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के साथ ही अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहल्यानगर जैसे शहरों से कुल 11 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पेपर लीक का यह गिरोह एक बड़े और संगठित नेटवर्क के रूप में देश भर में फैला हुआ था।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने उगले राज़
CBI की इस छापेमारी में डिजिटल साक्ष्यों का बड़ा भंडार हाथ लगा है। सूत्रों की मानें तो मनीषा के मोबाइल से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के दस्तावेज़ों ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि मनीषा का परीक्षा केंद्रों के साथ सीधा तालमेल कैसे था और किन-किन रसूखदारों के इशारे पर यह पेपर गेम खेला जा रहा था।
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तीसरी मनीषा और माफिया का जाल
NEET स्कैम में यह तीसरी बार है जब जांच के तार किसी मनीषा नाम की महिला से जुड़ते नज़र आ रहे हैं। क्या यह केवल एक संयोग है या फिर पेपर लीक माफिया का कोई सोची-समझी साज़िश? यह सवाल अब हर किसी की ज़ुबान पर है। पुणे में हुई इस कार्रवाई से पूरे शिक्षा जगत में खलबली मच गई है।
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अब किसकी बारी?
CBI अब मनीषा हवालदार से पूछताछ के जरिए उस पूरी चेन को खंगाल रही है, जिसके ज़रिए हज़ारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया। सूत्रों का दावा है कि मनीषा के खुलासों से जल्द ही कुछ बड़े चेहरों की गिरफ़्तारी हो सकती है, जो इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं। पूरे देश की निगाहें अब CBI के अगले कदम पर टिकी हैं।
