‘संविधान हत्या दिवस’ पर NCERT का बड़ा ऐलान, 9वीं की किताब में शामिल किया आपातकाल का चैप्टर, जेपी का भी जिक्र
Samvidhan Hatya Diwas: एनसीईआरटी ने पहली बार कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम में 1975 के आपातकाल को शामिल किया है। नई किताब में इसे भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौती बताया गया है।
- Written By: अक्षय साहू
NCERT 9वीं की किताब में आपातकाल का चैप्टर शामिल किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
NCERT Class 9th Emergency Chapter: 25 जून 1975 वो तारीख जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया था। इसे भारतीय लोकतंत्र के सबसे बुरे दौर में गिना जाता है। 25 जून को अब संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश के अलग-अलग राज्यों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी बीच राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक बड़ा ऐलान किया है।
NCERT ने 9वीं के किताब में भारतीय लोकतंत्र के इस काले दौर को शामिल किया है। यह पहली बार है जब कक्षा 9 की किताब में आपातकाल के चैप्टर को जोड़ा गया है। किताब में इसे लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया है। NCERT ने आपातकाल के लगभग पांच दशक पूरे होने के बाज पहली बार कक्षा 9 की किताब में इसे शामिल किया है।
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए चुनौती
जानकारी के मुताबिक, कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में आपातकाल को भारतीय संंविधान के समक्ष आई प्रमुख चुनौती में से एक बताया है। क्योंकि इस दैरान जनता के अधिकांश मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था।
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NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि, यह पहली बार है जब 9वीं पाठ्यक्रम में आपातकाल पर अलग से एक पूरे चैप्टर को शामिल किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब देश ने हाल ही में 1975 में लगाए गए आपातकाल के 50 साल पूरे होने को याद किया है।
किताब में क्या कहा गया है?
किताब में कहा आपातकाल को लेकर जानकारी दी गई है। किताब में कहा गया है कि भारत में लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक 1975-77 के दौरान लगाया गया आपातकाल था। किताब के मुताबिक, 1970 के शुरुआती सालों में ही जनता में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ असंतुष्टि बढ़ गई थी। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कुप्रशासन के कारण आए दिन व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इसे बाद जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया था।
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जयप्रकाश नारायण की भूमिका का जिक्र
जानकारी के मुताबिक, किताब में आपातकाल का प्रमुखता से विरोध करने वाले जयप्रकाश नारायण का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि लोकनायक के नाम से प्रसिद्ध राजनीतिक नेता और समाजवादी चिंतक ने जन आंदोलनों के जरिए आपातकाल को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। 1977 में आपातकाल खत्म कर आम चुनाव करवाए और सत्तारूढ़ सरकार की हार ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और लोकतंत्र के महत्व को रेखांकित किया।
