Ahmedabad Police Mission: भिक्षावृत्ति से मुक्त 276 बच्चों का स्कूल में दाखिला, उपमुख्यमंत्री रहे मौजूद

Ahmedabad Police News: गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस, महानगरपालिका और सरकार की पहल से भिक्षावृत्ति में शामिल 276 बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है।
Ahmedabad Police Mission: 276 children freed from beggary were admitted to school, Deputy Chief Minister was present.
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Ahmedabad School Enrollment Drive: गुजरात के अहमदाबाद में शाला प्रवेश उत्सव के दौरान एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां अहमदाबाद पुलिस ने भिक्षावृत्ति में शामिल 276 बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का काम किया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अनुपम प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि इन बच्चों के लिए स्कूल में प्रवेश केवल दाखिला नहीं, बल्कि जीवन का दूसरा जन्म है।

उन्होंने बताया कि इनमें 33 से अधिक ऐसे बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार स्कूल का माहौल देखा है। ट्रैफिक सिग्नलों और सड़कों पर जीवन बिताने वाले ये बच्चे अब किताबों और शिक्षा के जरिए अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। अहमदाबाद पुलिस, महानगरपालिका और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई इस पहल को बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भिक्षावृत्ति से बाहर निकाल 276 बच्चों को स्कूल भेजा

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने भिक्षावृत्ति से जुड़े 276 से अधिक बच्चों को इस जीवन से बाहर निकालकर विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाने की व्यवस्था की है। इनमें 33 से अधिक ऐसे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार स्कूल का रास्ता देखा है। हर्ष संघवी ने कहा कि ये वे बच्चे हैं जिन्होंने कभी स्कूल की घंटी की आवाज नहीं सुनी थी। उनकी दुनिया ट्रैफिक सिग्नलों, वाहनों के शोर और पुलिसकर्मियों की सीटी तक सीमित थी। आज वही बच्चे स्कूल में बैठकर पढ़ाई करने का अवसर पा रहे हैं।

सरकार और पुलिस की पहल बनी मिसाल

अहमदाबाद पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ बच्चों को सड़कों से स्कूल तक पहुंचाने का काम नहीं किया, बल्कि उनके अभिभावकों की तरह जिम्मेदारी भी निभाई है। पुलिसकर्मी हर महीने स्कूल जाकर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बच्चे ठीक से पढ़ रहे हैं या नहीं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के हाथों में बचपन से कटोरे थे, अब उनके हाथों में किताबें होंगी। यह बदलाव अहमदाबाद पुलिस, अहमदाबाद महानगरपालिका और गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है।

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हर्ष संघवी बोले- यह बच्चों का दूसरा जन्म

उन्होंने कहा कि बच्चों की आंखों में अब नए सपने और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। यह कोई सामान्य शाला प्रवेश उत्सव नहीं, बल्कि इन बच्चों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब उनका सफर ट्रैफिक सिग्नल से निकलकर स्कूल तक पहुंचा है और आने वाले दिनों में यही शिक्षा उनके सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगी। हर्ष संघवी ने इस मानवीय पहल के लिए अहमदाबाद पुलिस, महानगरपालिका और गुजरात सरकार के सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में बच्चों ने अपने जीवन की नई शुरुआत की है, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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