Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

असम चुनाव: नाजिरा का ‘सैकिया किला’, क्या 683 वोटों का वो सस्पेंस इस बार ढहा देगा कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़?

Assam Assembly Election 2026: असम की नाजिरा सीट पर दशकों से सैकिया परिवार का दबदबा रहा है, लेकिन 2021 के बेहद करीबी चुनावी नतीजों ने 2026 की राह को काफी रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Mar 24, 2026 | 03:06 PM

फोटो- नवभारत डिजाइन

Follow Us
Close
Follow Us:

Nazira Assembly Profile: असम के शिवसागर जिले में डिखो नदी के किनारे बसा ‘नाजिरा’ शहर केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अटूट राजनीतिक वफादारी के लिए भी जाना जाता है। अहोम साम्राज्य की यादों को समेटे यह निर्वाचन क्षेत्र पिछले कई दशकों से कांग्रेस का एक ऐसा अभेद्य दुर्ग रहा है, जिसे भेद पाना विरोधियों के लिए हमेशा एक सपना जैसा रहा है।
2026 के विधानसभा चुनाव के करीब आते ही यहां की फिजाओं में बदलाव की आहट महसूस की जा रही है। सालों से एक ही परिवार पर भरोसा जताने वाले इस क्षेत्र में अब मतदाता की खामोशी और विपक्षी दलों की बढ़ती सक्रियता ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इस बार ‘सैकिया विरासत’ अपनी साख बचा पाएगी?

सैकिया परिवार का 10 चुनावों क अटूट रिश्ता

नाजिरा का इतिहास जितना गौरवशाली है, इसकी राजनीति भी उतनी ही दिलचस्प रही है। 1951 में अपनी स्थापना के बाद से यहां हुए 16 चुनावों में से 14 बार कांग्रेस ने ही जीत का परचम लहराया है। इस सीट की सबसे बड़ी पहचान पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया का परिवार है।

हितेश्वर सैकिया ने खुद यहां से पांच बार जीत दर्ज की, जिसके बाद उनकी पत्नी डॉ. हेमप्रभा सैकिया ने दो बार और अब उनके बेटे देवव्रत सैकिया 2011 से लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। कुल मिलाकर, सैकिया परिवार ने इस एक सीट पर 10 बार जीत हासिल कर इसे अपनी पारिवारिक विरासत बना लिया है, जिसे तोड़ना किसी भी विरोधी दल के लिए हिमालय चढ़ने जैसा रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

तमिलनाडु चुनाव: ‘एडप्पादी’ का अभेद्य किला, क्या ‘मिट्टी के लाल’ पलानीस्वामी बचा पाएंगे अपना सबसे मजबूत गढ़?

25 मार्च को कोलकाता में धमाका: ओवैसी और कबीर की जोड़ी तोड़ेगी TMC का किला, जानें पूरा प्लान

असम चुनाव 2026: क्या पिता की विरासत ‘जोरहाट’ बचा पाएंगे गौरव गोगोई या ‘गोस्वामी का अनुभव’ फिर रचेगा इतिहास?

बंगाल चुनाव: ममता-सुवेंदु के महामुकाबले से पहले चुनाव आयोग का बड़ा ‘प्रहार’, क्या बदल जाएगा भवानीपुर का समीकरण?

683 वोटों का वो ‘कांटे का मुकाबला’

पिछले कुछ वर्षों में नाजिरा के चुनावी आंकड़ों ने कांग्रेस के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जहां 2011 में देवव्रत सैकिया ने 33,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी, वहीं 2021 तक आते-आते यह अंतर सिमटकर मात्र 683 वोटों का रह गया। भाजपा के मयूर बोरगोहेन ने इस ‘सैकिया किले’ की दीवारों में गहरी दरार पैदा कर दी है।

लोकसभा चुनावों के रुझान भी इसी उतार-चढ़ाव वाली लड़ाई की तस्दीक करते हैं, जहां 2014 और 2019 में भाजपा ने कांग्रेस पर बढ़त बनाई थी, हालांकि 2024 में कांग्रेस ने फिर से इस क्षेत्र में वापसी की है। ऐसे में 2026 का चुनाव किसी फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा लग रहा है, जहां जीत और हार के बीच का फासला बेहद कम हो सकता है।

कैसा रहेगा 1.82 लाख वोटरों का नया सियासी मिजाज?

नाजिरा की असल ताकत इसके गांवों में बसती है, क्योंकि यहां के 88 प्रतिशत से अधिक मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से धान की खेती, चाय के बागानों और पास के ओएनजीसी (ONGC) तेल क्षेत्रों पर टिकी हुई है। निर्वाचन आयोग द्वारा 10 फरवरी 2026 को जारी ताजा सूची के अनुसार, यहां अब 1,82,196 मतदाता हैं।

दिलचस्प बात यह है कि 2021 और 2024 के बीच यहां मतदाताओं की संख्या में करीब 47,689 की भारी बढ़ोतरी देखी गई थी, जो गहन नामांकन अभियानों का नतीजा था। ये बढ़ते हुए नए वोटर किसी भी पार्टी का समीकरण बना या बिगाड़ सकते हैं, विशेष रूप से 13.80 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता और चाय बागानों के श्रमिक यहां निर्णायक भूमिका निभाते आए हैं।

यह भी पढ़ें: असम चुनाव 2026: क्या पिता की विरासत ‘जोरहाट’ बचा पाएंगे गौरव गोगोई या ‘गोस्वामी का अनुभव’ फिर रचेगा इतिहास?

क्या नाजिरा की जनता निभाएगी अपनी पुरानी वफादारी?

जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, हलचल बढ़ती जा रही है। असम की सभी 126 सीटों के साथ नाजिरा में भी 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। भाजपा जहां इस बार ‘सैकिया गढ़’ को पूरी तरह ढहाने के लिए विकास और बदलाव के नारे के साथ मैदान में है, वहीं कांग्रेस अपनी पुरानी विरासत और डिखो नदी के तट पर बसे ग्रामीण मतदाताओं के अटूट भरोसे के दम पर वापसी की उम्मीद कर रही है। 4 मई को जब चुनावी नतीजे आएंगे, तभी यह साफ हो पाएगा कि नाजिरा के जागरूक मतदाता अपनी पुरानी परंपरा को कायम रखते हैं या फिर इस बार सत्ता के गलियारों में कोई नई कहानी लिखी जाएगी।

Nazira assembly election 2026 debabrata saikia congress vs bjp

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 24, 2026 | 03:00 PM

Topics:  

  • Assam
  • Assam Assembly Election
  • Assam Politics
  • Assembly Election 2026

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.