

चेन्नई: जहां एक तरफ तमिलनाडु में 75 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चल रही बागमती एक्सप्रेस ट्रेन बीते शुक्रवार को मुख्य लाइन में जाने के बजाय ‘लूपलाइन' में चली गई और वहां खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए और एक डिब्बे में आग लग गई। वहीं इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि 19 लोग इसमें घायल हुए हैं। जिन्हे नजदीकी अस्पतालों में फिलहाल भर्ती कराया गया है।
इस बाबत दक्षिणी रेलवे के मुताबिक, उक्त हादसा बीते शुक्रवार देर रात 8.30 बजे कवराईपेट्टई रेलवे स्टेशन के पास हुआ। वहीं चेन्नई सेंट्रल से मेडिकल रिलीफ वैन और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं। इस स्टेशन की चेन्नई से दूरी मात्र 41 किमी ही है। ट्रेन में कुल 1360 पैसेंजर्स बाताए जा रहे थे। इस हादसे में12 से 13 कोच डिरेल हुए। वहीं एक कोच और पार्सल वैन में आग लग गई। हादसे के वक्त बागमती एक्सप्रेस की स्पीड 75 KMPH बताई जा रही थी।
वहीं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह बचाव और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, ‘‘सरकार तेजी से राहत और बचाव कार्य कर रही है। घायल लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा है।" इस बाबत रेलवे बोर्ड ने कहा है कि चेन्नई रेल डिवीजन के पोन्नेरी-कावरापेट्टई खंड में हुई एक्सप्रेस ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में किसी यात्री की मौत होने की अब तक खबर नहीं है।
घटना पर रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने यात्री ट्रेन के खड़ी मालगाड़ी से टकराने के तुरंत बाद एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, ‘‘हमें चेन्नई डिवीजन के कावरापेट्टई स्टेशन पर बागमती एक्सप्रेस के एक मालगाड़ी से टकराने की सूचना मिली। बचाव और राहत दल तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंच गया।''
दक्षिण रेलवे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एलएचबी डिब्बों वाली ट्रेन संख्या 12578 मैसुरु डिब्रूगढ़ दरभंगा एक्सप्रेस को 11 अक्टूबर को रात आठ बजकर 27 मिनट पर तिरुवल्लूर जिले में पोन्नेरी स्टेशन पार करने के बाद आगे बढ़ने के लिए हरा सिग्नल दिया गया था, लेकिन ‘‘कावरापेट्टई स्टेशन में प्रवेश करते समय ट्रेन के चालक दल को तेज झटका लगा और निर्दिष्ट सिग्नल के अनुसार मुख्य लाइन में जाने के बजाय, ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ‘लूपलाइन' में प्रवेश कर गई तथा वहां खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।''
इसके साथ ही उसने बताया कि चालक दल सुरक्षित है और एक डिब्बे में आग लग गई, जिसे दमकल की गाड़ियों ने बुझा दिया। रेलवे ने बताया कि रेल मार्ग के प्रभावित हिस्से में ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। उसने कहा, ‘‘12-13 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। अभी तक किसी की मौत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है।''
घटना पर मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि उन्होंने मंत्री अवादी नासर और शीर्ष अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा है। यात्रियों की आगे की यात्रा और उनकी देखभाल के लिए एक अलग टीम काम कर रही है। रेलवे ने बताया कि क्षतिग्रस्त हुए डिब्बों को अग्निशमन और बचाव कर्मियों द्वारा पटरियों से हटाया जा रहा है। वरिष्ठ सरकारी, रेलवे अधिकारी, चिकित्सक, एम्बुलेंस, बचाव दल, एक चिकित्सा सहायता वैन और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर फिलहाल मौजूद हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)