मैसूर-दरभंगा एक्सप्रेस हादसा : क्या जानबूझकर कराया गया एक्सीडेंट? रेलवे के साथ अब NIA भी करेगा जांच

मैसूर-दरभंगा भागमती एक्सप्रेस (12578) ट्रेन हादसे को लेकर भारतीय रेलवे ने अब एक बड़ा बयान दिया है। इस घटना बाबत रेलवे को आशंका है कि हादसा जानबूझकर कराया गया।
जानबूझकर कराया गया एक्सीडेंट...
जानबूझकर कराया गया एक्सीडेंट...
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चेन्नई: मैसूर-दरभंगा भागमती एक्सप्रेस (12578) ट्रेन हादसे को लेकर भारतीय रेलवे ने अब एक बड़ा बयान दिया है। इस घटना बाबत रेलवे को आशंका है कि हादसा जानबूझकर कराया गया। यह हादसा तमिलनाडु के कावराईपेट्टई रेलवे स्टेशन पर हुआ। इस ट्रेन को आगे जाने के लिए हरी झंडी भी मिल गई थी, जैसे कि इससे पहले बालासोर के मामले में हुआ था। ट्रेन उस लूप लाइन में प्रवेश कर गई, जहां पहले से ही एक मालगाड़ी खड़ी थी।

हालांकि गनिमत रही कि पैसेंजर ट्रेन ने मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। इसमें ड्राइवर सतर्क था। वहीं झटका महसूस होने पर उसने तुरंत ब्रेक लगा दिया। इस हादसे में 19 लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल रेलवे ने इस हादसे की जांच NIA को सौंपी है। रेलवे ने CRS जांच का भी आदेश दे दिया है।

इसके साथ ही रेलवे ने इस हादसे की जांच के लिए एक कमिटी बना दी है जो घटना की सभी एंगल से जांच करेगी। यह हादसा रेलवे कर्मचारी की गलती से हुआ है या किसी ने जानबूझकर करवाई है। इसकी भी जांच होगी। रेलवे के तरफ से CRS जांच के अलावा NIA भी इस घटना की जांच करेगी। त्योहारी सीजन के कारण ट्रेन में बहुत बड़ी संख्या में यात्री थे। गनीमत रही कि कोइ जन माल का कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।

क्या है CRS जांच

जानकारी दें कि CRS जांच रेलवे की सबसे ऊंच्च स्तरीय जांच होती है। इस बाबत रेलवे ऐसे हादसों की जांच के लिए एक कमिटी का गठन करती है, जो सभी एंगल से जांच करती है। इन जांचों में टीम पता लगाएगी कि ये हादसा रेलवे कर्मचारी की गलती के चलते हुआ है या किसी ने जानबूझकर ऐसा किया है।

जानकारी दें कि तमिलनाडु में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बागमती एक्सप्रेस ट्रेन बीते शुक्रवार को मुख्य लाइन में जाने के बजाय ‘लूपलाइन' में चली गई और वहां खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे 19 यात्री घायल हो गए। इस हादसे में 12 से 13 कोच डिरेल हुए और एक कोच और पार्सल वैन में आग लग गई।

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