

MPSC Paper Leak Award Winning Teacher Arrested: MPSC के ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में हर दिन ऐसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं जो किसी फिल्मी पटकथा को भी मात दे दें। इस पूरे परीक्षा घोटाले का मुख्य आरोपी कोई शातिर अपराधी या पेपर लीक माफिया नहीं, बल्कि बच्चों का भविष्य संवारने वाला एक सम्मानित सरकारी शिक्षक निकला है।
पुलिस की जांच में प्यार, ब्रेकअप, बदले और लाखों के सौदे' की जो कड़ियां जुड़ी हैं, उसने राज्य के प्रशासनिक महकमे में भूचाल ला दिया है।
इस मामले का मुख्य मास्टरमाइंड नंदुरबार जिले के एक जिला परिषद स्कूल का शिक्षक अमृत पाटील है। चौंकाने वाली बात यह है कि अमृत पाटील को उनकी बेहतरीन शैक्षणिक सेवाओं के लिए पूर्व में राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अपनी बेटी ऋतुजा पाटील के सुनहरे भविष्य की चाहत में इस शिक्षक ने एक घिनौना कदम उठाया।
अमृत पाटील ने कौटिल्य अकादमी के एक दलाल प्रवीण पाटील की मदद से 22 मार्च को होने वाली परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही पूरा प्रश्नपत्र लीक करवा लिया। इस काम के लिए उन्होंने MPSC के तीन भ्रष्ट अधिकारियों के साथ कुल 12 लाख रुपये में पेपर खरीदने का सौदा तय किया था। इस सौदे के तहत अमृत पाटील ने अधिकारियों को ₹5 लाख की एडवांस भी दे दी थी।
अमृत पाटील ने यह लीक हुआ पेपर अपनी बेटी ऋतुजा को परीक्षा पास करने के लिए दिया था। लेकिन कहानी में एक नया और अनोखा मोड़ तब आया, जब ऋतुजा ने प्यार के चलते यह लीक प्रश्नपत्र अपने बॉयफ्रेंड गौरव पाटील उर्फ लोकेश को भी दे दिया, जो खुद भी MPSC परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
परीक्षा संपन्न होने के बाद जब 12 जून को नतीजे घोषित हुए, तो ऋतुजा पाटील बेहतरीन अंक हासिल कर अधिकारी बनने के लिए पात्र हो गई, लेकिन उसका प्रेमी गौरव परीक्षा में फेल हो गया।
प्रेमिका के पास होने और खुद के फेल होने के बाद दोनों के बीच विवाद गहराने लगा। ऋतुजा ने गौरव के साथ शादी करने से भी मना कर दिया। गौरव के मन में यह डर बैठ गया कि ऋतुजा अब बड़ी सरकारी अधिकारी बन जाएगी और उसे हमेशा के लिए छोड़कर दूर चली जाएगी।
इसी गुस्से, जलन और बदले की भावना से तमतमाए गौरव पाटील ने सीधे MPSC आयोग के पास जाकर पूरे पेपर लीक मामले की शिकायत दर्ज करा दी।
अपनी प्रेमिका को फंसाने के लिए शिकायत दर्ज कराने के अगले ही दिन गौरव को अपनी गलती और इसके गंभीर परिणामों का अहसास हुआ। उसने घबराकर तुरंत MPSC को एक नया ईमेल भेजा, जिसमें उसने दावा किया कि फेल होने के कारण उसने मनगढ़ंत आरोप लगाए थे और पेपर लीक की बात पूरी तरह से झूठ है।
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने गौरव की पलटी मारने की कोशिश को भांप लिया और गहराई से जांच शुरू कर दी। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच में ही यह साफ कर दिया कि पेपर वाकई में लीक हुआ था और एक उम्मीदवार को इसका अनुचित लाभ मिला था।
इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने अब तक MPSC के अवर सचिव अभिजीत लेंडवे और दो अन्य अधिकारियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में शिकायतकर्ता गौरव पाटील और शिक्षक अमृत पाटील भी सलाखों के पीछे हैं। पेपर प्राप्त करने वाली ऋतुजा पाटील को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने उसे कानूनी नोटिस जारी कर जांच में शामिल किया है।
इस भयानक धांधली के बाद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। आयोग ने साफ किया है कि जल्द ही नए सिरे से परीक्षा कराई जाएगी, जिसके लिए पात्र उम्मीदवारों को न तो दोबारा आवेदन करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।