राहुल पीएम होते तो PoK वापस लाते…रेवंत रेड्डी के बयान से आया सियासी उबाल, बोले- मोदी कभी युद्ध नहीं जीत सकते
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के नतीजों पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "चार दिन के युद्ध के बाद क्या हुआ? किसने आत्मसमर्पण किया? हमें कुछ नहीं पता।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राहुल गांधी, रेवंत रेड्डी और पीएम मोदी
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें 140 करोड़ भारतीयों को बताना चाहिए कि हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने हमारे कितने राफेल विमान मार गिराए। रेड्डी ने यहां ‘जय हिंद’ नाम से आयोजित रैली को संबोधित करते हुए यह भी जानना चाहा कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष शुरू करने से पहले सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई थी जबकि पड़ोसी देश के साथ सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने से पहले उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा के बावजूद मोदी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर नियंत्रण करने में विफल रहे।
‘राफेल विमानों को पाकिस्तान ने मार गिराया’
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा, ‘‘इस (सिकंदराबाद) छावनी के सैनिकों ने युद्ध में भाग लिया था। तेलंगाना में निर्मित युद्धक विमानों ने हमारे देश के सम्मान को बनाए रखा। नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए राफेल विमानों को पाकिस्तान ने मार गिराया। इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि कितने राफेल मार गिराए गए। नरेन्द्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि हालिया युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने कितने राफेल विमान मार गिराए। आप हमें इसका हिसाब दें।”
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रेड्डी ने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये के ठेके मोदी के करीबी लोगों को दिए गए, जिन्होंने फिर राफेल विमान खरीदे। रेड्डी ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मीनाक्षी नटराजन ने केवल एक बात कही कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो राजनीतिक विचारधारा से परे सभी को एक साथ आना चाहिए और तदनुसार उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार को आश्वासन दिया कि वह पाकिस्तान के साथ लड़ाई के दौरान उसके साथ खड़ी रहेगी।
किसने किसको धमकाया?
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चार दिनों के युद्ध के बाद, हमें नहीं पता कि किसने किसको धमकाया और किसने किसके आगे घुटने टेक दिए। अचानक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सामने आए और कहा कि उन्होंने भारत को धमकाया और युद्ध रोक दिया।” प्रधानमंत्री के इस बयान का मखौल उड़ाते हुए कि युद्ध भाषण देना नहीं है, रेड्डी ने कहा कि युद्ध रोककर मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की शपथ ली है।
उन्होंने दावा किया कि चीन ने भारत की 4000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी पड़ोसी देश को मुंहतोड़ जवाब देने में विफल रहे। रेड्डी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1967 में चीन को हराया और दुनिया को संदेश दिया था कि अगर कोई भारत से छेड़छाड़ करेगा तो उसे सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि तत्कालीन अमेरिकी सरकार की धमकियों के बावजूद इंदिरा गांधी 1971 में भारत-पाक युद्ध से पीछे नहीं हटीं और पाकिस्तान से अलग कर बांग्लादेश का निर्माण किया।
राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो PoK वापसल लाते
रेवंत रेड्डी ने साफ कहा कि राहुल गांधी इस स्थिति को अलग तरीके से संभालते, उन्होंने कहा, “अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो वह पीओके को वापस ले आते। मोदी प्रतिबंधित 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं। हमें राहुल गांधी जैसे नेताओं की जरूरत है. मोदी हमारे लिए कभी युद्ध नहीं जीत सकते। केवल प्रधानमंत्री के रूप में राहुल गांधी ही ऐसा कर सकते हैं।” (एजेंसी इनपुट के साथ)
