मकर संक्रांति के मौके पर वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन करेगा आयुष मंत्रालय

मंत्रालय ने बयान में कहा है कि वैज्ञानिक दृष्टि से, सूर्य नमस्कार को प्रतिरक्षा विकसित करने और जीवन शक्ति में सुधार करने के लिए जाना जाता है
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नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन 75 लाख लोगों के लिये वैश्विक सूर्य नमस्कार प्रदर्शन कार्यक्रम (Organize Global Surya Namaskar Program ) आयोजित करेगा। आयुष मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि ‘सूर्य नमस्कार' सूर्य की प्रत्येक किरण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए सूर्य को प्रणाम के रूप में किया जाता है, क्योंकि वह सभी जीवों का पोषण करता है।

मंत्रालय ने बयान में कहा है कि वैज्ञानिक दृष्टि से, सूर्य नमस्कार को प्रतिरक्षा विकसित करने और जीवन शक्ति में सुधार करने के लिए जाना जाता है, जो महामारी की आज की इस स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। सूर्य के संपर्क में आने से मानव शरीर को विटामिन डी मिलता है, जिसे दुनिया भर की सभी चिकित्सा शाखाओं में व्यापक रूप से मान्यता मिली है।

बयान के अनुसार, सूर्य नमस्कार के सामूहिक प्रदर्शन का उद्देश्य इसके जरिए जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का संदेश भी देना है। आज की दुनिया में जहां जलवायु जागरूकता जरूरी है वहीं, दैनिक जीवन में सौर ई-ऊर्जा (हरित ऊर्जा) के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी, जिससे पृथ्वी को खतरा है।

बयान में कहा गया है, ‘‘इसके अलावा, यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में मकर संक्रांति के महत्व को रेखांकित करेगा।''  सूर्य नमस्कार शरीर और मन के समन्वय के साथ 12 चरणों में किए जाने वाले आठ आसनों का एक समूह है। इसे ज्यादातर प्रात: काल में किया जाता है। (एजेंसी)

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