गृह मंत्रालय ने IMCT का किया गठन, आपदा प्रभावित राज्यों का करेंगे दौरा, देखें पूरी जानकारी
IMCT News: गृह मंत्रालय (MHA) ने भारी बारिश, बाढ़, अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय दलों (IMCTs) का गठन किया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
गृह मंत्रालय (Image- IANS)
Home Ministry News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देश पर गृह मंत्रालय (एमएचए) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों (आईएमसीटी) का गठन किया है। ये केंद्रीय दल मौके पर जाकर स्थिति और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का आकलन करेंगे।
केंद्रीय दल अगले सप्ताह की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बाढ़, भूस्खलन प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे, जो मौजूदा मानसून सीजन के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहले ही एक आईएमसीटी और एक बहु-क्षेत्रीय दल दौरा कर चुके हैं।
सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे नेतृत्व
इन केंद्रीय दलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे और इनमें व्यय, कृषि और किसान कल्याण, जल शक्ति, ऊर्जा, सड़क परिवहन और राजमार्ग, ग्रामीण विकास मंत्रालयों, विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
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अगस्त 2019 में लिया था फैसला
गृह मंत्रालय इन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें एनडीआरएफ, सेना और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती शामिल है, जो खोज और बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की बहाली में सहायता कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अगस्त 2019 में लिए गए निर्णय के अनुसार, गृह मंत्रालय गंभीर आपदा के तुरंत बाद राज्य सरकारों और केन्द्रशासित प्रदेशों के ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बगैर आईएमसीटी का गठन करता है ताकि मौके पर जाकर नुकसान का आकलन किया जा सके।
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आकलन करने के बाद वित्तीय सहायता
आईएमसीटी द्वारा नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार स्थापित प्रक्रिया के अनुसार एनडीआरएफ से राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केंद्र सरकार ने 24 राज्यों को एसडीआरएफ में 10,498.80 करोड़ रुपए, 12 राज्यों को एनडीआरएफ से 1,988.91 करोड़ रुपए, 20 राज्यों को राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) से 3,274.90 करोड़ रुपए और 9 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा शमन निधि (एनडीएमएफ) से 372.09 करोड़ रुपए जारी किए हैं, ताकि आपदा प्रभावित राज्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सहायता प्रदान कर सकें। (एजेंसी इनपुट के साथ)
