गश्ती के दौरान भारतीय सेना के जवान, (फाइल फोटो)
Meghalaya Violence: देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शांति की लौटी उम्मीदों के बाद अब मेघालय में हिंसा की धुआं जल उठी है। बुधवार शाम मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में जारी अशांति के बीच उपद्रवियों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमला कर दिया, जिससे कई जवान घायल हो गए हैं। इस दौरान बीएसएफ के डीआईजी के काफिले में शामिल एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि घटना उस समय हुई जब उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अन्य अधिकारियों के साथ भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पश्चिम गारो हिल्स जिले के तुरा कस्बे में बैठक से लौट रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में डीआईजी और उनके साथ मौजूद अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। काफिले का हिस्सा रही बीएसएफ की एक गाड़ी आगजनी का शिकार हो गई।
पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में हिंसा उस समय भड़क उठी जब गारो पर्वतीय स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के चुनाव को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारी चुनाव में गैर-गारो समुदायों की नामांकन प्रक्रिया में भागीदारी का विरोध कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को चिबिनांग क्षेत्र में झड़पों के दौरान पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए की गई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
अशांति के कारण गारो पर्वतीय क्षेत्र के कई हिस्सों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुईं। हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन तुरा में और दो चिबिनांग में तैनात की गई हैं। हिंसा के बाद मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 अप्रैल को प्रस्तावित जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: LPG संकट के बीच राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाई सियासी हलचल
अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने गारो पर्वतीय क्षेत्र के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं। पश्चिमी गारो पर्वतीय जिले में कर्फ्यू लागू है और इसे गुरुवार आधी रात तक बढ़ा दिया गया है। जिले के उपायुक्त वी अग्रवाल ने बताया कि कर्फ्यू 13 मार्च की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि गारो पर्वतीय क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।