Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मथुरा मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट के आदेश को लेकर पूछा सवाल

सुप्रीम कोर्ट  ने शुक्रवार को कहा कि मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के 15 वादों को नत्थी करने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका बाद में दाखिल की जा सकती है।

  • Written By: अर्पित शुक्ला
Updated On: Jan 10, 2025 | 01:11 PM

सुप्रीम कोर्ट (फोटो- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट  ने शुक्रवार को कहा कि मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के 15 वादों को नत्थी करने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका बाद में दाखिल की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने प्रथम दृष्टया सभी वादों के समेकन संबंधी उच्च न्यायालय के फैसले के पक्ष में निर्णय लिया और कहा कि इससे दोनों पक्षों को फायदा होगा।

पिछले साल 11 जनवरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामलों को समेकित करने का निर्देश दिया था।  शुक्रवार को सुनवाई की शुरुआत में उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा कि वह आराधना स्थलों पर 1991 के कानून से संबंधित मुद्दे पर विचार कर रही है और जानना चाहा कि उसे इस समय वादों के समेकन के मामले में हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने मस्जिद समिति का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से कहा, ‘‘यदि जरूरत लगे तो आप बाद में भी यह याचिका ला सकते हैं।”

अदालत ने क्या कहा?

इससे संबंधित एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में शीर्ष अदालत ने 12 दिसंबर को अगले आदेश तक देश की अदालतों को धार्मिक स्थलों, विशेषकर मस्जिदों और दरगाहों पर दावा करने संबंधी नए मुकदमों पर विचार करने और लंबित मामलों में कोई भी प्रभावी अंतरिम या अंतिम आदेश पारित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को प्रबंधन ट्रस्ट शाही ईदगाह की ओर से उपस्थित एक वकील ने कहा कि वादों की प्रकृति समान नहीं हैं फिर भी उच्च न्यायालय ने उन्हें समेकित किया है। वकील ने कहा कि इससे जटिलताएं पैदा होंगी क्योंकि विभिन्न मुकदमों में सुनवाई एक साथ की जाएगी।

सम्बंधित ख़बरें

SIR विवाद में ममता बनर्जी के समर्थन में उतरी शिवसेना UBT, दुबे बोले- इतनी हिम्मत तो बड़े वकील भी नहीं दिखाते

BCCI अध्यक्ष बनेंगे अनुराग ठाकुर…संभालेंगे मिथुन मन्हास की कुर्सी? सुप्रीम कोर्ट ने हटाया 9 साल पुराना बैन

‘चांद और सूरज छोड़कर’…सबकुछ मुफ्त देने का वादा, चुनावी रेवड़ी के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

SC में ममता का ‘शक्ति प्रदर्शन’, खुद की वकालत कर चुनाव आयोग को घेरा, BJP बोली- ‘फेक वोटर’ बचाने की नौटंकी

देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें!

यह दोनो पक्ष के हित में

पीठ ने कहा, ‘‘ इसमें कोई जटिलता नहीं है…यह आपके और उनके दोनों के हित में है क्योंकि इससे कई कार्यवाहियों से बचा जा सकेगा।” पीठ ने कहा, ‘‘हमें (मुकदमों के) समेकन के मुद्दे पर हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए?” सीजेआई ने कहा, “अगर इसे समेकित कर दिया जाए तो क्या फर्क पड़ता है? वैसे, इस बारे में सोचें, हम इसे स्थगित कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि समेकन से कोई फर्क नहीं पड़ता। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह में (याचिका को) फिर से सूचीबद्ध करें।”

Mathura temple mosque dispute petition against clubbing of cases can be filed later supreme court

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 10, 2025 | 01:11 PM

Topics:  

  • Krishna Janmabhoomi
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.